Delhi Pollution Warning: कहते हैं इतिहास खुद को दोहराता है और यही कहानी दिल्ली और उसके आस-पास के राज्यों में हर साल देखने को मिलती है। लेकिन इससे सबक नहीं लिया जाता बल्कि हर वर्ष के गुज़र जाने पर हालात और अधिक बिगड़ जाते हैं। ठंड आते ही या ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि त्योहारों के बाद हवा की हालत बिगड़ती ही जा रही है। वहाँ रह रहे लोगों के लिए हवा किसी ज़हर से कम नहीं। दिल्ली की हवा अब जहर बन चुकी है। हर सांस के साथ लोग ज़हरीला धुआं पी रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक केफेफड़ों पर असर दिख रहा है AQI 1000 पार कर चुका है फिर भी हम मास्क लगाकर ‘जी लेने’ का अभिनय कर रहे हैं।
Delhi Pollution Warning: हर साल वही कहानी – पराली, पटाखे और राजनीति

Delhi Pollution Warning: डॉ. गुलेरिया ने साफ कहा –“जिनके फेफड़े कमजोर हैं, उनके लिए दिल्ली में रहना अब सुरक्षित नहीं।” यह कोई सलाह नहीं, चेतावनी है जो लोग अस्थमा, COPD, हृदय रोग से जूझ रहे हैं उनके लिए यह शहर अब धीमा जहर है। हर साल नवंबर आते ही यही तमाशा देखने को मिलता है पराली जलना , पटाखे,गाड़ियां धुआं उगलती हैं।मीटिंग , राजनीति फिर कोर्ट आदेश मगर हवा सुधरती नहीं। हम ट्वीट करते हैं, रील बनाते हैं फिर मास्क उतारकर सेल्फी लेते हैं।
अपने देश में आम जनता साफ हवा की मांग भी नहीं कर सकती है?
दिल्ली के इंडिया गेट से खबर आ रही है कि दिल्ली वासी सरकार से स्वच्छ हवा की मांग करने के लिए इंडिया गेट पर इकठ्ठा हुए और अपनी मांग रख रहे थे तभी पुलिस ने बलपूर्वक उन्हें वहां से खदेड़ दिया। जबकि ये तो जनता के मौलिक अधिकार… pic.twitter.com/NeI08o39HB— RAVINDRA (रवी) (@Raviraebarely) November 10, 2025
अब फैसला आपका – सांस या सुविधा?
सवाल यह नहीं कि हवा खराब क्यों है।
सवाल यह है – हम कब तक अपने बच्चों को यह जहर पिलाते रहेंगे?
अगर घर में कोई बुजुर्ग है,
अगर आपका बच्चा रात में खांस-खांस कर सोता है,
तो अब फैसला करने का वक्त है।
पैसा, नौकरी, घर – सब बाद में।
सांस से कीमती कुछ नहीं।
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