Delhi Shabdotsav 2026: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा है कि हिंदुत्व में ही भारत की एकता का मूल भाव समाहित है और यही देश को जोड़ने वाला सबसे सशक्त सूत्र है। उन्होंने यह बात रविवार को आयोजित ‘दिल्ली शब्दोत्सव 2026’ कार्यक्रम के दौरान कही।
हिंदू कोई संज्ञा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान
सुनील आंबेकर ने कहा कि हिंदू केवल किसी पूजा-पद्धति या मत का नाम नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने कहा, “हिंदू पहचान हमारे राष्ट्र से जुड़ी हुई है। हजारों वर्षों से हमारे पूर्वजों ने समाज को सकारात्मक बनाए रखने और सभी को अपना मानकर जोड़ने का प्रयास किया है। हिंदुत्व में ही एकत्व का तत्व है।”
Delhi Shabdotsav 2026: ‘हम सब एक हैं’ की भावना ही हिंदुत्व
आरएसएस नेता ने कहा कि जो लोग “हम सब एक हैं” की भावना में विश्वास रखते हैं, वही हिंदू हैं। नई पीढ़ी भी यह समझ रही है कि यदि देश को एक रखना है तो एक साझा सूत्र आवश्यक है और भारत में सभी को जोड़ने वाला यह सूत्र हिंदुत्व ही है।
जाति आधारित राजनीति से समाज को नुकसान
जातीय व्यवस्था पर बोलते हुए सुनील आंबेकर ने कहा कि राजनीति के कारण जातियों के बीच टकराव बढ़ता है। यदि समाज में हर जाति के लोग एक-दूसरे से मित्रता करेंगे, तो कोई भी नेता जाति के नाम पर राजनीति करने का साहस नहीं कर पाएगा। इसके लिए सामाजिक स्तर पर भी प्रयास जरूरी हैं।
भारत-विरोधी दुष्प्रचार पर संकेतों में जवाब, एकजुट होकर आगे बढ़ेगा देश
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग विदेश जाकर लगातार भारत और हिंदुत्व के खिलाफ बोलते हैं। ऐसे विचारों को भारत में कोई प्रतिष्ठा नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत का संदेश स्पष्ट होना चाहिए हम सभी एक हैं। सुनील आंबेकर ने कहा कि जब राष्ट्र एक स्वर में बोलेगा, तभी भारत और अधिक मजबूत बनेगा। हिंदुत्व इस एकता की बुनियाद है।
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