Delhi Turkman Gate: दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान इलाके में हुई पत्थरबाजी की घटना के मामले में जांच तेज कर दी है। इसी कड़ी में यूट्यूबर सलमान की तलाश में टीमें जुटी हैं। आरोप है कि सलमान ने सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने जानकारी दी कि इस मामले में यूट्यूबर सलमान की भी तलाश तेज कर दी गई है। उसने इलाके के लोगों को इकट्ठा होने की कॉल दी थी। जांच में यह भी सामने आया है कि इलाके के कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपने-अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए लोगों को जमा होने के लिए उकसाया। इनका मकसद माहौल खराब करना और प्रशासन व पुलिस के काम में बाधा डालना था।
सपा सांसद से भी हो सकती है पूछताछ
वहीं, पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी है कि तुर्कमान इलाके में हुई पत्थरबाजी की घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी से भी पूछताछ हो सकती है। पत्थरबाजी की घटना से पहले मोहिबुल्लाह नदवी मौके पर मौजूद थे। दिल्ली पुलिस के बड़े अधिकारियों के अनुरोध के बावजूद वह आसपास ही रहे थे। फिलहाल, सूत्रों ने बताया है कि दिल्ली पुलिस जल्द सपा सांसद को जांच में शामिल होने के लिए समन भेजेगी। इस मामले में पुलिस अब तक 30 लोगों की पहचान कर चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, बॉडी कैमरा और वायरल वीडियो के आधार पर 30 लोगों की पहचान की है। उन्होंने बताया कि पत्थरबाजी की घटना में 30 लोगों की पहचान होने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
आपको बता दें कि दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में बुधवार सुबह अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर पथराव हुआ है। कथित तौर पर कुछ स्थानीय युवकों ने मस्जिद तोड़ने की अफवाह फैलाई थी, जिससे वहां भीड़ जुटने लगी थी। मौके पर तैनात पुलिस ने बल का प्रयोग करते हुए हालात पर काबू पाया। हालांकि, पत्थरबाजी की घटना में 5 पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे।
Delhi Turkman Gate: 9 जोन में बांटा गया इलाका
सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को 9 जोन में विभाजित किया गया है और हर जोन की जिम्मेदारी ADCP स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को बैरिकेड कर दिया है और किसी भी आम नागरिक की एंट्री फिलहाल प्रतिबंधित है। अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद की मूल संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। केवल अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन पर ही कार्रवाई की गई है, जहां बने बारात घर और डिस्पेंसरी को ध्वस्त किया गया है। अभी भी करीब 10 से 20 प्रतिशत निर्माण बचा हुआ है, जिसे अगले चरण में हटाया जाएगा। मलबे की मात्रा करीब 200 ट्रक बताई जा रही है, जिसे हटाने में लगभग चार दिन का समय लगेगा।
ये भी पढ़े… बड़ा खुलासा…! क्या वाकई तोड़ा गया तुर्कमान गेट पर मस्जिद का हिस्सा? स्थानीय मुसलमानों ने खोला राज







