Dharmendra Death: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। 89 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहे धर्मेंद्र का इलाज पहले ब्रीच कैंडी अस्पताल में चल रहा था और बाद में उन्हें घर पर ही रखा गया। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के विले पार्ले श्मशान घाट पर हुआ, जहां उनके बड़े बेटे सनी देओल ने उन्हें मुखाग्नि दी। वहीं बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और पूर्व सांसद धर्मेंद्र के निधन पर राजनीतिक गलियारों में भी गहरा शोक व्यक्त किया गया है। फिरोजाबाद के पूर्व सांसद डॉ. चंद्रसेन जादौन ने उनके निधन को भारतीय कला और राजनीतिक जगत के लिए एक अपूर्णीय क्षति बताया है।
धर्मेंद्र जी का निधन अत्यंत दुखद
डॉ. चंद्रसेन जादौन ने अपने जारी बयान में अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि धर्मेंद्र जी का निधन अत्यंत दुखद है। उनका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत और सार्वजनिक दोनों स्तर पर एक बड़ी क्षति है। वे सिर्फ एक महान और बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता ही नहीं थे, जिन्होंने दशकों तक अपने अभिनय से करोड़ों दिलों पर राज किया, बल्कि उनका राजनीतिक योगदान भी उल्लेखनीय रहा। पूर्व सांसद ने आगे कहा कि उन्होंने बीकानेर से सांसद के रूप में जनता की सेवा की और अपनी सादगी व विनम्रता से सभी को प्रभावित किया। उनका व्यक्तित्व हर किसी को प्रेरित करने वाला था। उनके जाने से भारतीय सिनेमा और राजनीति में एक ऐसा शून्य पैदा हुआ है, जिसे भरना मुश्किल है। डॉ. चंद्रसेन जादौन ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार व दुनिया भर में फैले उनके करोड़ों प्रशंसकों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति दें।फ़िरोज़ाबाद के पूर्व सांसद डॉ. चंद्रसेन जादौन समेत कई राजनीतिक हस्तियों ने दिग्गज अभिनेता के निधन पर सोशल मीडिया और आधिकारिक बयानों के माध्यम से अपनी गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। धर्मेंद्र ने अपने करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया, उन्हें ‘ही-मैन’ और ‘एवरग्रीन’ अभिनेता के तौर पर जाना जाता था।
Dharmendra Death: पद्म भूषण से किया गया था सम्मानित
8 दिसंबर 1935 को पंजाब के लुधियाना जिले के नसराली गांव में धर्मेंद्र केवल कृष्ण देओल का जन्म हुआ था। उनके माता-पिता, केवल कृष्ण और सतवंत कौर, एक पंजाबी जाट परिवार से आते हैं। उनका पैतृक गांव दांगों है, जो लुधियाना के पास पाकहोवाल तहसील रायकोट में स्थित है। 2012 में धर्मेंद्र को पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया। राजनीति में भी धर्मेंद्र ने अपनी किस्मत आजमायी और 2004 में भाजपा के टिकट पर राजस्थान के बीकानेर सीट से जीत दर्ज कर लोकसभा पहुंचे। वैसे तो धर्मेंद्र की जोड़ी उनके जमाने की हर अभिनेत्री के साथ पर्दे पर पसंद की गई, लेकिन हेमा मालिनी के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खास प्यार दिया। 28 फिल्मों में इस जोड़ी ने एक साथ काम किया। फिर एक समय आया जब धर्मेंद्र ने अपना एक प्रोडक्शन हाउस बनाया और तीन फिल्में प्रोड्यूस की और तीनों ही सुपरहिट रहीं। उसी समय हेमा मालिनी ने भी तीन फिल्मों का डायरेक्शन किया और उनकी तीनों फिल्मों को दर्शकों ने नकार दिया। धर्मेंद्र ने 12 साल के अंतराल में तीन फिल्में प्रोड्यूस की थीं ‘बेताब’, ‘घायल’ और ‘घातक’। तीनों ने पर्दे पर धमाल मचा दिया था। वहीं, हेमा मालिनी ने जिन तीन फिल्मों ‘दिल आशिना है’, ‘टेल मी ओ खुदा’ और ‘मोहिनी’ का डायरेक्शन किया, वे दर्शकों को पसंद नहीं आईं। धर्मेंद्र की प्रोडक्शन कंपनी विजेता फिल्म्स के बैनर तले ही बॉबी देओल को भी लॉन्च किया गया।
Report BY: आदित्य प्रताप सिंह







