DHIRENDRA SHASTRI: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा गुरुवार को भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा पहुंची। यात्रा के प्रवेश के साथ ही भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला। पिछले सात दिनों से चल रही यह यात्रा यूपी-हरियाणा बॉर्डर से निकलकर मथुरा तक पहुंची, जहां जगह-जगह फूलों की वर्षा और जय श्री राम के नारों के बीच भव्य स्वागत हुआ।
हिंदू एकता का संदेश लेकर निकली यात्रा
DHIRENDRA SHASTRI: सनातन एकता पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज में एकता का संदेश फैलाना और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, यह हिंदुओं की यात्रा है, लेकिन इसमें किसी भी पार्टी का व्यक्ति शामिल हो सकता है। जो भी आएगा, उसका स्वागत रहेगा। यह यात्रा जाति भेद, छुआछूत और सामाजिक विभाजन को मिटाने के लिए है। यह सनातन धर्म की रक्षा और हिंदू एकता का प्रतीक है।
स्वास्थ्य बिगड़ा, फिर भी यात्रा जारी रखी
DHIRENDRA SHASTRI: यात्रा के दौरान एक समय धीरेंद्र शास्त्री की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिससे उन्हें सड़क किनारे कुछ देर आराम करना पड़ा। हालांकि, थोड़ी देर में उन्होंने अचार-पराठा खाकर यात्रा फिर से शुरू की और अपने अनुयायियों के बीच दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।
एएसपी अनुज चौधरी को सैल्यूट
DHIRENDRA SHASTRI: मथुरा में यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे एएसपी अनुज चौधरी और उनकी टीम की मुस्तैदी ने सभी को प्रभावित किया। धीरेंद्र शास्त्री ने सुरक्षा के कड़े और अनुशासित इंतजामों के लिए स्वयं एएसपी अनुज चौधरी को सैल्यूट किया, जो पुलिस और जनता के बीच आपसी सम्मान और सद्भावना का अनूठा उदाहरण बन गया।
चार दिन में तय होगी बकाया दूरी
DHIRENDRA SHASTRI: मथुरा में यह यात्रा अगले चार दिनों में लगभग 55 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा में शामिल भक्तों ने फूलों की वर्षा की और हनुमान वेशधारी भक्तों, राम-सीता की झांकियों और शंखनाद से पूरे माहौल को धार्मिक रंग में रंग दिया।
दिल्ली ब्लास्ट पर शास्त्री की प्रतिक्रिया
DHIRENDRA SHASTRI: अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने दिल्ली ब्लास्ट की घटना पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, हम देश में दंगा नहीं, गंगा चाहते हैं। मौलवियों से अपील है कि वे बच्चों को डॉ. अब्दुल कलाम बनाएं, न कि हिंसा का रास्ता दिखाएं। साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत एक “धर्मशाला” नहीं है, और सरकार को उन लोगों की पहचान कर कार्रवाई करनी चाहिए जो देश के प्रति निष्ठावान नहीं हैं।
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