Dhurandhar 2 Release: उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह बनी है फिल्म धुरंधर 2, जिसमें उनकी जिंदगी के कई विवादित और चौंकाने वाले पहलुओं को दिखाया गया है। दरअसल, 1962 में प्रयागराज में जन्मे अतीक अहमद ने कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। महज 17 साल की उम्र में उन पर पहला हत्या का आरोप लगा। इसके बाद उनके खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी और जमीन कब्जाने जैसे गंभीर मामलों सहित 100 से अधिक केस दर्ज हुए।
अपराध से राजनीति तक का सफर
अतीक अहमद ने अपने प्रभाव और दबदबे को राजनीति में भी भुनाया। वर्ष 1989 में वह विधायक चुने गए और यहीं से उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत होती चली गई। अपराध और राजनीति के इस मेल ने उन्हें क्षेत्र में एक ‘बाहुबली’ नेता के रूप में स्थापित कर दिया। अतीक अहमद की ताकत का एक बड़ा पहलू यह माना जाता है कि वह जेल में रहते हुए भी अपने नेटवर्क को संचालित करते थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, जेल के भीतर से ही वे ठेके, जमीन के सौदे और अपने गिरोह के सदस्यों को निर्देश देते रहते थे।
ये धुरंधर 2 का सीन है जिसमे अतीक अहमद को पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई करते तथा उसकी लाइव हत्या दिखायी गई
यही है यूपी की कानून व्यवस्था की सच्चायी जहाँ सैकड़ों पुलिस की अभिरक्षा में लोगों को मार दिया जाता है
इस प्रोपेगंडा मूवी को न देखे
pic.twitter.com/elBW54nB9a— Surya Samajwadi (@surya_samajwadi) March 19, 2026
Dhurandhar 2 Release: फिल्म में दिखे अतीक अहमद
फिल्म ‘धुरंधर 2’ में अतीक अहमद के किरदार को ‘आतिफ अहमद’ नाम से पेश किया गया है। फिल्म में उनके कथित नकली नोटों के नेटवर्क, अंडरवर्ल्ड कनेक्शन और आतंक से जुड़े संभावित रिश्तों को भी दर्शाया गया है। साथ ही यह भी दिखाया गया है कि नोटबंदी के दौर में ऐसे नेटवर्क कैसे सक्रिय रहे। फिल्म का एक चर्चित डायलॉग “जब तक अतीक अहमद है, जेल में या बाहर… वो सब संभाल लेगा” उनकी छवि और प्रभाव को दर्शाता है। फिल्म के निर्देशक आदित्य धर की इस बात के लिए सराहना हो रही है कि उन्होंने वास्तविक घटनाओं को बारीकी से परदे पर उतारने की कोशिश की है। दर्शक फिल्म की डिटेलिंग और कहानी कहने के अंदाज की तारीफ कर रहे हैं।
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