Dhurandhar 2: राजधानी लखनऊ में एक बार फिर सियासी माहौल गर्म हो गया है। हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म धुरंधर-2 में पूर्वांचल के माफिया माफिया अतीक अहमद के कथित आईएसआई कनेक्शन को दिखाए जाने के बाद अब इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व को निशाने पर लेते हुए शहर में पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ उनकी 2012–2017 की सरकार की तुलना फिल्म में दिखाए गए ‘ल्यारी राज’ से की गई है। पोस्टर में लिखा है- सपा का 2012-2017 ल्यारी राज, ना भूले हैं ना भूलेंगे।
वीवीआईपी इलाके में लगाए गए पोस्टर
ये पोस्टर शहर के प्रमुख वीवीआईपी चौराहे के पास लगाए गए हैं। इनमें अखबारों की कटिंग के जरिए उस दौरान हुई आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया गया है और दावा किया गया है कि सपा सरकार के दौरान अंडरवर्ल्ड का प्रभाव बढ़ा हुआ था। पोस्टर लगाने वाले समाजसेवी देवेंद्र तिवारी का कहना है कि सपा सरकार के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय हत्या, दुष्कर्म और भूमाफिया जैसी घटनाएं आम थीं और आम जनता, खासकर महिलाएं, असुरक्षित महसूस करती थीं। तिवारी ने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार में हालात में सुधार हुआ है और लोग खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने फिल्म धुरंधर-2 का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसमें उस दौर की वास्तविकता को दिखाया गया है।

Dhurandhar 2: सियासी टकराव तेज होने के संकेत
इस पूरे घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी और सत्ताधारी पक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह के पोस्टर वार को सियासी रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। वहीं, समर्थक मौजूदा मुख्यमंत्री योगी के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था में सुधार का दावा कर रहे हैं, जबकि विपक्ष इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बता सकता है।
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