Digvijaya Singh statement: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अपने हालिया सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर मचे सियासी घमासान पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे पिछले 50 वर्षों से कांग्रेस पार्टी में हैं और इस दौरान उन्होंने हमेशा सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ संघर्ष किया है- चाहे वह विधानसभा हो, संसद हो या संगठन का मंच। दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने जो कहना था, वह स्पष्ट रूप से कह दिया है और आगे भी वे इसी विचारधारा के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
“संघ से सीखने की जरूरत नहीं”
दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठनों से कांग्रेस को कुछ भी सीखने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि वे जिस विचारधारा में विश्वास रखते हैं, वह पूरी तरह समावेशी और लोकतांत्रिक है। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनका समर्थन किया और भाजपा पर बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया।
Digvijaya Singh statement: कांग्रेस नेताओं का समर्थन, भाजपा पर निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि भाजपा अक्सर कांग्रेस नेताओं के बयानों को गलत संदर्भ में पेश करती है। उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने वाले संगठनों से कांग्रेस को कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है। वहीं, कांग्रेस नेता नसीर हुसैन ने कहा कि पार्टी के अंदर जरूरी मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो चुकी है, जिसमें मनरेगा आंदोलन, संगठन विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यकर्ता नेटवर्क को मजबूत करने जैसे विषय शामिल रहे।
टीएस सिंह देव बोले- बयान को गलत मतलब दिया गया
कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने कहा कि दिग्विजय सिंह के बयान को संघ समर्थक बताना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि किसी संगठन के काम करने के तरीके पर टिप्पणी करना, उसकी विचारधारा को अपनाने के बराबर नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि दिग्विजय सिंह ने संघ की विचारधारा को पूरी तरह खारिज किया है और उनके बयान को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
Digvijaya Singh statement: खड़गे के संघर्ष का उदाहरण भी सामने आया
इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संघर्षपूर्ण जीवन का भी जिक्र किया। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस वह पार्टी है, जहां एक साधारण मजदूर परिवार से आने वाला व्यक्ति देश की सबसे बड़ी पार्टी का अध्यक्ष बन सकता है यही असली लोकतंत्र है।
संघ पर तीखा रुख बरकरार
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि संघ एक ऐसा संगठन है, जो नफरत की राजनीति करता है और उससे सीखने जैसा कुछ भी नहीं है। वहीं, शशि थरूर और पवन खेड़ा ने संगठन को अंदर से मजबूत बनाने पर जोर दिया।
सियासी संदेश साफ
दिग्विजय सिंह के बयान और उस पर पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया से साफ है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर एकजुट नजर आ रही है और भाजपा के हमलों को सिरे से खारिज कर रही है। यह विवाद आने वाले दिनों में सियासी बहस को और तेज कर सकता है।
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