pareeksha pe charcha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के दौरान छात्रों को पढ़ाई से जुड़ा एक व्यावहारिक और प्रेरक मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि हर छात्र की अपनी पढ़ाई की शैली और गति होती है, इसलिए सभी की सलाह सुननी चाहिए, लेकिन अपना तरीका तभी बदलना चाहिए जब खुद को उससे लाभ महसूस हो।
‘आपकी शैली, आपकी गति’ पर छात्रों से संवाद
कार्यक्रम के पहले अध्याय ‘आपकी शैली, आपकी गति’ के दौरान गुजरात की एक छात्रा ने सवाल किया कि परीक्षा के समय शिक्षक और अभिभावक अलग-अलग तरीके से पढ़ने की सलाह देते हैं, जबकि छात्र का खुद का एक पैटर्न होता है। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्थिति सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे जीवन में बनी रहती है।
pareeksha pe charcha: ‘मैं प्रधानमंत्री हूं, फिर भी…’
पीएम मोदी ने उदाहरण देते हुए कहा, “मैं प्रधानमंत्री बन गया हूं, फिर भी लोग मुझे अलग-अलग तरीकों से काम करने की सलाह देते हैं। लेकिन हर व्यक्ति का अपना तरीका होता है।”
खाने की थाली से पढ़ाई का सबक
छात्रों को सहज अंदाज में समझाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे परिवार में एक साथ बैठकर खाने पर भी हर व्यक्ति का खाने का तरीका अलग होता है
कोई दाल से शुरू करता है, कोई सब्जी से और कोई सब कुछ मिलाकर और अपने तरीके से खाने में ही आनंद आता है, वैसे ही पढ़ाई में भी अपनी शैली महत्वपूर्ण है।
pareeksha pe charcha: पढ़ाई का मूल मंत्र
प्रधानमंत्री ने छात्रों को सलाह दी- कुछ छात्र सुबह बेहतर पढ़ते हैं, कुछ रात में,अपनी पढ़ाई की शैली पर भरोसा रखें ,सलाह जरूर लें, लेकिन उसे अपने अनुभव की कसौटी पर परखें ,किसी के कहने भर से तरीका न बदलें।
‘मैंने भी बदलाव किए, लेकिन मूल तरीका नहीं छोड़ा’
पीएम मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि समय के साथ इसमें बदलाव किए गए, अलग-अलग राज्यों के छात्रों से संवाद हुआ, लेकिन कार्यक्रम का मूल स्वरूप नहीं बदला।
pareeksha pe charcha: छात्रा की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री का जवाब सुनने के बाद छात्रा ने कहा कि पीएम मोदी का व्यवहार बेहद सहज और अपनापन भरा था। उन्होंने समझाया कि हमें अपने पैटर्न पर फोकस करना है, लेकिन दूसरों से अच्छे गुण भी सीखने हैं।
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