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तेलंगाना में इंसानियत शर्मसार: एक ही गांव में 100 से ज्यादा आवारा कुत्तों की हत्या

तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में आवारा कुत्तों की सामूहिक हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। पशु क्रूरता के इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
तेलंगाना में पशु क्रूरता की हद पार

Dog Killing Telangana: तेलंगाना में आवारा कुत्तों को मारने की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के नागरकुरनूल जिले के शुमईपल्ली गांव में इस सप्ताह की शुरुआत में लगभग 100 आवारा कुत्तों को कथित रूप से बेरहमी से मार दिए जाने की घटना सामने आई है। इस अमानवीय घटना के बाद पशु प्रेमियों, पशु कल्याण कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

पशु प्रेमियों में भारी आक्रोश

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना गांव के सरपंच के अधिकार क्षेत्र में हुई बताई जा रही है। आरोप है कि आवारा कुत्तों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल बन गया। घटना सामने आते ही पशु अधिकारों से जुड़े संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

Dog Killing Telangana: तेलंगाना में पशु क्रूरता की हद पार
तेलंगाना में पशु क्रूरता की हद पार

Dog Killing Telangana: पुलिस ने शुरू की गहन जांच

इस मामले में स्टेट एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एनजीओ) की ओर से क्रूरता निवारण सहायक मुदावथ प्रीति ने चारपका पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, यह शिकायत 27 जनवरी को प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एफआईआर के तहत सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पशु कल्याण संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस नीति और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।

मानवीय समाधान की उठी मांग

इस घटना ने एक बार फिर देश में आवारा पशुओं के प्रबंधन और पशु अधिकारों को लेकर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान हिंसक तरीकों से नहीं, बल्कि नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास जैसे मानवीय उपायों के माध्यम से ही संभव है।

Written by- Anurag Vishwakarma

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