Droupadi Murmu: मथुरा के वृंदावन और गोवर्धन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित तीन दिवसीय दौरे को लेकर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां बंदरों के आतंक को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग ने अनोखी रणनीति अपनाई है। राष्ट्रपति की सुरक्षा और दौरे को सुचारु बनाए रखने के लिए लंगूरों के कटआउट लगाए जा रहे हैं, ताकि बंदरों को दूर रखा जा सके।
विजिट प्वाइंट पर विशेष इंतजाम
राष्ट्रपति अपने दौरे के दौरान वृंदावन और गोवर्धन में कुल 8 स्थानों का भ्रमण करेंगी। इनमें तीन प्रमुख मंदिर, तीन संतों के आश्रम, रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल और वात्सल्य ग्राम शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर बंदरों के खतरे को देखते हुए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं।
Droupadi Murmu: बंदरों से बचाव का अनोखा तरीका
वृंदावन के बंदर अक्सर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के चश्मे, मोबाइल और पर्स छीन लेते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति के दौरे के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए लंगूरों के कटआउट लगाए जा रहे हैं। माना जाता है कि लंगूर की मौजूदगी से बंदर दूर रहते हैं, इसलिए यह उपाय अपनाया गया है।
वन्यजीव कानून के कारण बदली रणनीति
वन विभाग के अनुसार, वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत लंगूरों को पकड़कर या बंधक बनाकर नहीं रखा जा सकता। यही कारण है कि असली लंगूरों की जगह उनके कटआउट का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही, प्रशिक्षित कर्मियों को भी तैनात किया जा रहा है, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
Droupadi Murmu: गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर भी तैयारी
राष्ट्रपति गोवर्धन की 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा गोल्फ कार्ट से करेंगी। इस मार्ग पर भी बंदरों की बड़ी संख्या को देखते हुए लंगूरों के कटआउट लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा वन रक्षकों की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि रास्ते में किसी तरह की बाधा न आए। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान वन विभाग की पांच टीमें, जिनमें करीब 30 सदस्य शामिल होंगे, तैनात रहेंगी। इनके पास लाठी, डंडे, गुलेल और लेजर लाइट जैसे उपकरण होंगे। साथ ही हर टीम के पास स्नेक रेस्क्यू किट भी उपलब्ध रहेगी, ताकि सांप या अन्य वन्य जीवों से भी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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