Election 2026: राज्यों में विधान सभा चुनाव होने पर पिछले अधिकांश राज्यों में भाजपा ने डबल इंजन की सरकार बनाई, यह डबल इंजन का नारा पिछले एक दशक से बड़ा पापुलर हो रहा है। इसके कारण जनता के मन में एक धारणा बनी कि केंद्र में भाजपा की सरकार है, तो राज्य में हम भाजपा को ही जिताएंगे, ताकि राज्य में विकास तेजी से होगा। यह विकास का नारा जनता को मोहित करने से नहीं चूका। इसी कारण 2026 की शुरुआत तक भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी एनडीए की मजबूत स्थिति बनी हुई है, जो सितंबर 2025 तक 20 राज्यों और केंद्र शासित राज्यों के प्रदेशों में शासन कर रही है। भाजपा शासित प्रमुख राज्यों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र , असम, हरियाणा और गोवा शामिल हैं। यह उत्तर पश्चिमी और उत्तर पूर्वी भारत के हिस्से हैं।
भाजपा और एनडीए सरकार वाले राज्य और केंद्र शासित राज्यों की सूची 2025-26 के रुझाानों के आधार पर इस प्रकार है-
उत्तरी/मध्य- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान।
पश्चिमी क्षेत्र- गुजरात, गोवा और महाराष्ट्र ।
पूर्वोत्तर राज्य – असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड औा सिक्किम हैं।
पूर्वी क्षेत्र- बिहार, छत्तीस गढ और ओडिशा राज्य में गठबंधन के साथ भाजपा सरकार में है।
Election 2026: केंद्र शासित प्रदेश-पुडुचेरी
लेकिन अब जिन राज्यों और केंद्र शासित राज्य में चुनाव आयोग ने चुनाव की घोषणा की है, वे राज्य हैं- पश्चिमी बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी।
पश्चिमी बंगाल में दो फेज में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे और 4 मई को परिणाम घोषित किया जाएगा। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही फेज में चुनाव होगा और रिजल्ट की घोषणा 4 मई को हो जाएगी, असम, केरल, पुडुचेरी को एक ही फेज 9 अपैल को चुनाव करवाये जाएंगे और रिजल्ट की घोषणा 4 मई को की जाएगी।इन राज्यों के चुनाव में 17.4 करोड़ मतदाता अपने मतों का इस्तेमाल करेंगे।अभी जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, उनमें पश्चिमी बंगाल में त्रिणमूल कांग्रेस की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं। उसी के पड़ोसी राज्य असम में भाजपा की सरकार है। तमिल नाडु में डीएमके की सरकार है। केरल में वामपंथी मोर्चे की सरकार है, यह अभी दूसरी बार सत्ता में है। केरल में अभी तक कांगे्रस ही टक्कर में रही है।अब इस चुनाव में भाजपा की परीक्षा की घड़ी है। यदि भाजपा अपने पैर दक्षिण के राज्यों में फैला पाई, तो उसका आधार पूरे देश को समेट लेगा। यह भाजपा के लिए पूर्ण अखिल
Election 2026: भारतीय पार्टी बनने का अवसर है।
दूसरी ओर देखना है कि कांग्रेस केरल में अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को कैसे समेटती है। और वाम दलों के लिए केरल राज्य उनके जीवित रहने के लिए जरूरी है। अब यह राजनीतिक दल राज्य की जनता का विश्वास किस तरह से प्राप्त करेंगे, वह आने वाली भारतीय राजनीति का संकेत होगा। विशेषकर भारतीय जनता पार्टी के लिए यह चुनाव भविष्य की राजनीति का मार्ग तय करेगा।
-भगवती प्रसाद डोभाल
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