Foreign Policy: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद और पानी एक साथ साझा नहीं हो सकता। तमिलनाडु के आईआईटी मद्रास में आयोजित फायरसाइड चैट कार्यक्रम में उन्होंने भारत की पड़ोस नीति, बांग्लादेश और श्रीलंका से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बात की।
पड़ोस नीति पर जयशंकर
विदेश मंत्री ने अपने हालिया बांग्लादेश दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत उन पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाता है, जो भारत के साथ सहयोग करते हैं और कोई नुकसान नहीं पहुंचाते। उन्होंने कहा कि भारत स्वाभाविक रूप से ऐसे पड़ोसियों की मदद करता है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने अपने अधिकांश पड़ोसी देशों को वैक्सीन की पहली खेप दी थी।
Foreign Policy: बांग्लादेश दौरा और चुनाव
एस. जयशंकर ने बताया कि वह खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करने ढाका गए थे। बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि भारत वहां शांतिपूर्ण और सफल चुनाव की कामना करता है और उम्मीद करता है कि हालात सामान्य होने के बाद अच्छे पड़ोसी का रिश्ता आगे भी बना रहेगा।
संकट में पड़ोसियों की मदद
यूक्रेन संकट और श्रीलंका के आर्थिक हालात का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने मुश्किल समय में अपने पड़ोसियों को भोजन, जरूरी सामग्री और आर्थिक सहायता दी। उन्होंने बताया कि श्रीलंका को चार अरब डॉलर की मदद दी गई और तूफान के दौरान भारत ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
Foreign Policy: पाकिस्तान पर सख्त रुख
पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए एस. जयशंकर ने कहा कि भारत को अपने नागरिकों को आतंकवाद से बचाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिस देश में दशकों से आतंकवाद जारी हो, उसके साथ न तो अच्छे पड़ोसी जैसे संबंध हो सकते हैं और न ही पानी साझा किया जा सकता है।






