Ganga Controversy: वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर आयोजित इफ्तार पार्टी और मांसाहार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस घटना के बाद अयोध्या के संतों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। संतों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
संतों ने जताई कड़ी आपत्ति
हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि गंगा जैसी पवित्र नदी में इस तरह की गतिविधियां आस्था के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए की जाती हैं।
Ganga Controversy: सख्त कार्रवाई की उठी मांग
राजू दास ने संबंधित वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जरूरी है। वहीं, तपस्वी छावनी प्रमुख जगदगुरु परमहंस आचार्य ने भी सरकार से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की है और दोषियों को सजा देने की मांग की है।
माहौल खराब होने की चेतावनी
संतों का कहना है कि गंगा और काशी जैसे पवित्र स्थलों पर इस तरह की घटनाएं समाज में तनाव पैदा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे माहौल बिगड़ सकता है। संतों ने प्रशासन से अपील की है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
ये भी पढ़ें…LPG CRISIS: क्या देश में गैस की किल्लत का खतरा? सरकार के 12,000 छापों से खुला बड़ा खेल!







