Gangasagar Mela fire: दक्षिण 24 परगना के गंगासागर मेले की शुरुआत के साथ ही एक बड़ी आपदा सामने आई है। शुक्रवार तड़के मेला परिसर के नंबर-2 स्नान घाट के पास अचानक भीषण आग लग गई, जिससे कई सरकारी विभागों और स्वयंसेवी संगठनों के अस्थायी शिविर पूरी तरह जलकर खाक हो गए।
सुबह-सुबह उठती लपटों से मची अफरा-तफरी
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, भोर के समय एक अस्थायी शेड से आग की लपटें उठती देखी गईं। ठंड के मौसम में सूखा वातावरण और हॉगला पत्तों व बांस से बने शेड होने के कारण आग ने देखते ही देखते आसपास के कई ढांचों को अपनी चपेट में ले लिया। आग फैलते ही मेला परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
Gangasagar Mela fire: सूचना एवं संस्कृति विभाग को भी भारी नुकसान
इस अग्निकांड में पुलिस, सूचना एवं संस्कृति विभाग, विभिन्न समाचार माध्यमों और बजरंग परिषद के कई अस्थायी शिविर पूरी तरह नष्ट हो गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार नुकसान काफी बड़ा हो सकता है, हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 5 गाड़ियां और 5 फायर फाइटिंग बाइक घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। शुरुआती प्रयासों में स्थानीय लोगों ने भी पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण स्थिति बिगड़ती चली गई।
Gangasagar Mela fire: मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही सुंदरबन विकास मंत्री बंकिमचंद्र हाजरा, सागर के बीडीओ कनैयाकुमार राय सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे प्रभावित क्षेत्र को घेराबंदी में ले लिया है और मेला परिसर में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
गौरतलब है कि गुरुवार को ही वर्ष 2026 के गंगासागर मेले का औपचारिक उद्घाटन किया गया था। उद्घाटन के कुछ ही घंटों बाद इस तरह की घटना ने अग्नि सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग शॉर्ट सर्किट से लगी या किसी अन्य कारण से, इसकी जांच दमकल विभाग और पुलिस द्वारा की जा रही है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।
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