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गाज़ा की सत्ता और पुनर्निर्माण में भारत की एंट्री? ट्रंप ने पीएम मोदी को भेजा न्योता

Gaza Peace Board: अमेरिका ने भारत को गाज़ा में युद्ध के बाद शांति, शासन और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाने के लिए आमंत्रित किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारत को ‘गाज़ा पीस बोर्ड’ में शामिल होने का न्योता दिया है। यह बोर्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गाज़ा में स्थायी शांति स्थापित करने और वहां के पुनर्विकास की निगरानी करना है।

गाज़ा पीस बोर्ड की घोषणा राष्ट्रपति ट्रंप ने 16 जनवरी को की थी। इस योजना के तहत 20 बिंदुओं वाला एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है, जिसे भविष्य में वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए एक मॉडल के रूप में भी देखा जा रहा है। अमेरिका ने इस बोर्ड में शामिल होने के लिए भारत समेत कुल 60 देशों को आमंत्रण भेजा है, जिनमें कई यूरोपीय देश भी शामिल हैं।

व्हाइट हाउस ने पीस बोर्ड को लेकर क्या कहा

व्हाइट हाउस ने 16 जनवरी को जारी प्रेस रिलीज़ में बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने गाज़ा के प्रशासन के लिए ‘नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ़ गाज़ा’ (NCAG) के गठन का स्वागत किया है। इसे गाज़ा संघर्ष समाप्त करने की उनकी व्यापक योजना के दूसरे चरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया है। इस 20-सूत्रीय योजना का लक्ष्य क्षेत्र में स्थायी शांति, स्थिरता, पुनर्निर्माण और समृद्धि सुनिश्चित करना है।

पीस बोर्ड के दृष्टिकोण को जमीन पर उतारने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की अध्यक्षता में एक संस्थापक कार्यकारी बोर्ड का गठन किया गया है। इसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, स्टीव विटकॉफ़, जारेड कुश्नर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री सर टोनी ब्लेयर, मार्क रोवन, अजय बंगा और रॉबर्ट गेब्रियल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

 Gaza Peace Board: डॉ. अली शाअथ करेंगे NCAG का नेतृत्व

NCAG का नेतृत्व डॉ. अली शाअथ को सौंपा गया है। वे एक टेक्नोक्रेटिक नेता माने जाते हैं और गाज़ा में बुनियादी सार्वजनिक सेवाओं की बहाली, नागरिक संस्थानों के पुनर्निर्माण और सामान्य जनजीवन को स्थिर करने की जिम्मेदारी निभाएंगे। इसके साथ ही वे गाज़ा में दीर्घकालिक और आत्मनिर्भर शासन की नींव रखने का काम भी करेंगे।

डॉ. शाअथ को प्रशासन, आर्थिक विकास और अंतरराष्ट्रीय संवाद का व्यापक अनुभव है। उनके व्यावहारिक और तकनीकी नेतृत्व तथा गाज़ा की जमीनी वास्तविकताओं की समझ के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त है।

ट्रंप की योजना में पीस बोर्ड की भूमिका

गाज़ा पीस बोर्ड संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 (2025) के अनुरूप गठित किया गया है, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप की व्यापक योजना का समर्थन किया गया है। यह बोर्ड योजना के सभी 20 बिंदुओं को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। इसके तहत रणनीतिक निगरानी, अंतरराष्ट्रीय संसाधनों की जुटान और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि गाज़ा संघर्ष से शांति और विकास की ओर सफलतापूर्वक आगे बढ़ सके।

कार्यकारी बोर्ड का प्रत्येक सदस्य गाज़ा के स्थिरीकरण और दीर्घकालिक सफलता से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालेगा। इनमें शासन क्षमता निर्माण, क्षेत्रीय संबंध, पुनर्निर्माण, निवेश आकर्षण, बड़े पैमाने पर वित्तपोषण और पूंजी जुटाना शामिल है।

Gaza Peace Board:  वरिष्ठ सलाहकार और उच्च प्रतिनिधि की नियुक्ति

इस संचालन मॉडल को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने आर्ये लाइटस्टोन और जोश ग्रुएनबाम को शांति बोर्ड का वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया है। ये दोनों दैनिक रणनीति और संचालन का नेतृत्व करेंगे और बोर्ड के जनादेश को कूटनीतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप लागू कराएंगे। इसके अलावा, कार्यकारी बोर्ड के सदस्य निकोलाय म्लादेनोव को गाज़ा के लिए उच्च प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। वे शांति बोर्ड और NCAG के बीच जमीनी स्तर पर सेतु का काम करेंगे और गाज़ा के शासन, पुनर्निर्माण और विकास से जुड़े सभी पहलुओं में समन्वय सुनिश्चित करेंगे।

सुरक्षा और स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय बल

गाज़ा में सुरक्षा, शांति बनाए रखने और आतंक-मुक्त स्थायी वातावरण सुनिश्चित करने के लिए मेजर जनरल जैस्पर जेफ़र्स को अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) का कमांडर नियुक्त किया गया है। वे सुरक्षा अभियानों का नेतृत्व करेंगे, निरस्त्रीकरण में सहयोग देंगे और मानवीय सहायता तथा पुनर्निर्माण सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।

 Gaza Peace Board: गाज़ा कार्यकारी बोर्ड से शांति और समृद्धि की उम्मीद

उच्च प्रतिनिधि कार्यालय और NCAG के समर्थन में एक गाज़ा कार्यकारी बोर्ड भी गठित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रभावी शासन और उच्च-स्तरीय सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करना है, ताकि गाज़ा के लोगों के लिए शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा मिल सके। इस बोर्ड में स्टीव विटकॉफ़, जारेड कुश्नर, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फ़िदान, सर टोनी ब्लेयर, मार्क रोवन, मंत्री रीम अल-हाशिमी, निकोलाय म्लादेनोव, याकिर गबाय और सिग्रिड काग जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल होंगे। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि अमेरिका इस पूरे ढांचे के समर्थन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही इजरायल प्रमुख अरब देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर इस व्यापक योजना के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए काम करेगा।

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