Ghaziabad News: यूपी के जिला गाजियाबाद की साहिबाबाद महिला थाने की रिपोर्टिंग चौकी पर तैनात महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह को मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दरोगा पर आरोप है कि उन्होंने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में आरोपी का नाम केस से बाहर निकालने के बदले 45 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित की शिकायत पर जाल बिछाकर बैठी एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को यह कार्रवाई की।
टीम के साथ किया गया था सम्मानित
बता दें कि भुवनेश्वरी सिंह वही दरोगा हैं जिन्होंने पिछले साल नवरात्रि के पहले दिन यूपी पुलिस के उस पहले एनकाउंटर में हिस्सा लिया था, जिसे पूरी तरह महिला पुलिसकर्मियों की टीम ने अंजाम दिया था। उस दौरान घायल बदमाश को कंधे से पकड़कर ले जाते हुए उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। इस उपलब्धि के लिए पुलिस कमिश्नर ने पूरी टीम के साथ उन्हें भी सम्मानित किया था।

Ghaziabad News: भुवनेश्वरी दहेज के मामले में कर रही थी विवेचना
मिली जानकारी के मुताबिक, भुवनेश्वरी दहेज के एक मामले की विवेचना कर रही थीं। इसी जांच के दौरान उन्होंने आरोपी पक्ष को राहत देने और नाम हटाने के बदले रुपयों की डिमांड की। पीड़ित ने इसकी सूचना एंटी करप्शन विभाग को दी, तो टीम ने योजना बनाकर दरोगा को रिश्वत की रकम के साथ दबोच लिया। साहिबाबाद थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली भुवनेश्वरी का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले कानपुर में तैनाती के दौरान भी उन पर हनी ट्रैप और सेक्स रैकेट चलाने जैसे गंभीर आरोप लगे थे, जिसमें उनकी गिरफ्तारी हुई थी। अब गाजियाबाद में रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद महकमे में एक बार फिर हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि पिछले महीने भी एक महिला दरोगा और कॉन्स्टेबल को मुरादनगर थाने में एंटी करप्शन की टीम ने 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों दबोचा था। उसने भी दहेज एक्ट के मामले में पीड़ित युवक से 50 हजार रुपए की रिश्वत ली थी।
Report BY: विभु मिश्रा







