Gold- Silver Price 2026: मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने और ऊर्जा कीमतों में तेजी की आशंका के बीच वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में लगातार पांचवें दिन बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की मांग लगातार बढ़ रही है।
सोना चढ़ा, चांदी में गिरावट जारी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया में अप्रैल डिलीवरी वाला सोना सोमवार को 2.53 प्रतिशत बढ़कर 1,66,199 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी करीब 0.90 प्रतिशत गिरकर 2,80,090 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। होली त्योहार के कारण मंगलवार को सुबह का कारोबार बंद रहेगा और शाम 5 बजे के बाद ट्रेडिंग फिर से शुरू होगी।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ रुख कर रहे हैं। साथ ही अमेरिका में महंगाई बढ़ने और ब्याज दरों के लंबे समय तक स्थिर रहने की आशंका भी बनी हुई है, जो अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीति से जुड़ी मानी जा रही है।
Gold- Silver Price 2026: वैश्विक बाजार में सोने का दबदबा बढ़ा
स्पॉट गोल्ड 0.8 प्रतिशत बढ़कर 5,360 डॉलर प्रति औंस और अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स करीब 1 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करते दिखे। स्पॉट सिल्वर भी लगभग 1.9 प्रतिशत बढ़कर 91.11 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। दूसरी ओर डॉलर इंडेक्स 0.19 प्रतिशत बढ़कर 98.57 पर पहुंच गया, जिससे डॉलर में सोना खरीदना विदेशी खरीदारों के लिए महंगा हो गया और सोने की तेजी कुछ सीमित रही।
मध्य पूर्व तनाव, तेल की कीमतें बढ़ीं
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक जरूरी होगा। खबरों के अनुसार, ईरान ने सऊदी अरब में तेल और गैस ढांचे को निशाना बनाया और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी। इस बीच इजरायल ने ईरान के कमांड केंद्रों पर नए हमले करने की घोषणा की है।
ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ने से तेल और गैस आपूर्ति बाधित होने की आशंका पैदा हो गई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

निवेशक नीति संकेतों पर नजर रखे
अमेरिकी कच्चा तेल वायदा 1.4 प्रतिशत बढ़कर 72.23 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में 79.2 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। निवेशक अब अमेरिकी विनिर्माण और गैर-विनिर्माण पीएमआई, एडीपी गैर-कृषि रोजगार बदलाव और बेरोजगारी आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि फेडरल रिजर्व की भविष्य की मौद्रिक नीति का अनुमान लगाया जा सके।
साल 2026 में अब तक सोने की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। पिछले साल भी सोना लगभग 64 प्रतिशत तक बढ़ गया था। इसकी मुख्य वजह केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में निवेश का बढ़ना और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता मानी जाती है।






