Gold Silver Price Crash: सर्राफा बाजार में गिरावट का दौर लगातार जारी है। बजट में सोना और चांदी को लेकर कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई, लेकिन इसके बावजूद कीमती धातुओं पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है। कमोडिटी बाजार में निवेशकों की बेचैनी बढ़ी हुई है।
एमसीएक्स पर सोना-चांदी धड़ाम
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। चांदी अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से करीब 1.79 लाख रुपये नीचे आ चुकी है, जबकि सोना भी फिसलकर लगभग 1.37 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया है। पिछले तीन दिनों से दोनों धातुओं में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।

Gold Silver Price Crash: निवेशकों की मुनाफावसूली का असर
खबर लिखे जाने तक सुबह 11 बजकर 22 मिनट पर एमसीएक्स में फरवरी डिलीवरी वाला सोना 5,719 रुपये यानी करीब 4.02 प्रतिशत गिरकर 1,36,498 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 23,908 रुपये टूटकर 2,41,744 रुपये प्रति किलो पर आ गई, जिसमें लगभग 9 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कमजोर वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली के चलते बाजार पर दबाव बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी यही रुख देखने को मिला। सोमवार की शुरुआती ट्रेडिंग में स्पॉट गोल्ड करीब 4 प्रतिशत तक गिर गया, जबकि चांदी में भी लगभग इतनी ही गिरावट आई। हालांकि पहले 12 प्रतिशत तक टूटने के बाद चांदी 80 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर टिकने में कामयाब रही। इससे पहले चांदी ने पिछले 10 वर्षों की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट दर्ज की थी, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई।

Gold Silver Price Crash: रिकॉर्ड तेजी के बाद तेज टूट
इस गिरावट के पीछे कई अहम कारण माने जा रहे हैं। हाल ही में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थीं, जिसने बड़े निवेशकों को भी चौंका दिया था। जनवरी महीने में वैश्विक तनाव, कमजोर होती मुद्राएं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की ओर रुख किया था, जिससे कीमतें तेजी से बढ़ी थीं।
अमेरिकी घटनाक्रम से बाजार प्रभावित
हालिया गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से जुड़ी खबर को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फेड चेयर के पद के लिए केविन वॉर्श को नामित करने की योजना बना रहे हैं। इस खबर के सामने आने के बाद अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिससे कमजोर डॉलर की उम्मीद लगाए बैठे निवेशकों की रणनीति बदल गई और सोने-चांदी में भारी बिकवाली देखने को मिली।







