Gold-Silver Price: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब पांचवें सप्ताह में पहुंच गया है। इसी बीच कमोडिटी बाजार में गिरावट का रुख देखने को मिल रहा है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई।
भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता का माहौल होने के बावजूद निवेशकों का भरोसा कमजोर दिखाई दिया, जिसके कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा।

सोने में गिरावट, चांदी में सीमित तेजी
सोमवार सुबह करीब 10:43 बजे एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 0.68 प्रतिशत यानी 982 रुपये गिरकर 1,43,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया।
वहीं मई कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 0.34 प्रतिशत यानी 767 रुपये की बढ़त के साथ 2,28,721 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी। हालांकि बाजार खुलने के शुरुआती समय में चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई थी।
Gold-Silver Price: पिछले कारोबारी दिन भी दिखी थी कमजोरी
इससे पहले शुक्रवार को भी सोना और चांदी हल्की गिरावट के साथ बंद हुए थे। उस दिन सोना 1,44,401 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,27,750 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी।

वैश्विक बाजारों में भी सोने की कीमत घटी
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इससे पिछले सप्ताह सोने में जो तेजी आई थी, उसका बड़ा हिस्सा खत्म हो गया।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, ईरान समर्थित समूहों की गतिविधियों और अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ने के बावजूद निवेशक सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से कुछ हद तक दूरी बनाते दिखाई दिए। शुरुआती कारोबार में वैश्विक बाजार में सोना करीब 1.7 प्रतिशत तक गिर गया।
Gold-Silver Price: कॉमेक्स में भी सोना दबाव में
कमोडिटी एक्सचेंज कॉमेक्स में भी सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। सोमवार को सोने की कीमत 2 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 4,447.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।
हालांकि निचले स्तरों पर खरीदारी आने के कारण कीमतों में थोड़ी रिकवरी हुई और सोना फिर से लगभग 4,500 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया।
तेल की कीमत और महंगाई की चिंता का असर
विशेषज्ञों के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और महंगाई बढ़ने की आशंका ने सोने की मांग को प्रभावित किया है। इसके अलावा अमेरिका के फेडरल रिजर्व सहित कई केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखने या आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने की कीमतों के लिए नकारात्मक संकेत मानी जाती हैं।
Gold-Silver Price: युद्ध के बाद से सोना 15% से ज्यादा गिरा
अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक सोने की कीमतों में 15 प्रतिशत से अधिक गिरावट आ चुकी है। आमतौर पर सुरक्षित निवेश माने जाने वाला सोना इस दौरान कमजोर पड़ता दिखाई दिया और कई बार इसकी चाल शेयर बाजार के साथ मिलती-जुलती रही।

केंद्रीय बैंकों की खरीद में बदलाव
सोने की कीमतों में पहले जो तेजी आई थी, उसका एक बड़ा कारण दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई खरीद थी। लेकिन हालिया घटनाक्रम में इसमें बदलाव देखा गया है।तुर्की जैसे कुछ देशों ने अपने सोने के भंडार को बेचना शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक युद्ध के शुरुआती दो हफ्तों में ही तुर्की ने लगभग 60 टन सोना बेच दिया, जिसकी कीमत 8 अरब डॉलर से ज्यादा बताई जा रही है।
Gold-Silver Price: ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर भी असर
कई ऐसे देश जो सोने के बड़े खरीदार हैं, वे कच्चे तेल के बड़े आयातक भी हैं। ऐसे में जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो उन्हें ज्यादा डॉलर ऊर्जा खरीदने में खर्च करने पड़ते हैं।इस कारण उनके पास सोना खरीदने के लिए कम डॉलर बचते हैं, जिससे सोने की वैश्विक मांग पर असर पड़ता है।







