Gold-Silver Price Today: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर गुरुवार को सोना और चांदी की कीमतों पर साफ दिखाई दिया। कारोबारी सत्र के दौरान इन कीमती धातुओं में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव और महंगाई बढ़ने की आशंका के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों यानी सेफ-हेवन एसेट्स की ओर रुख किया। इसी वजह से शुरुआती कारोबार में सोना और चांदी की कीमतों में तेजी आई, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के कारण दोनों धातुओं के दाम कुछ नीचे आ गए।

सोना-चांदी में दिनभर उतार-चढ़ाव
दोपहर करीब 12:13 बजे घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के अप्रैल वायदा में इंट्रा-डे आधार पर 0.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद सोना 1,61,165 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं मई डिलीवरी वाले चांदी के वायदा में 1.17 प्रतिशत यानी 3,109 रुपये की गिरावट आई और इसकी कीमत 2,62,451 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
हालांकि सुबह के समय बाजार का रुख अलग था। एमसीएक्स पर सोना दिन के दौरान 1,63,142 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर तक पहुंच गया था। इसी तरह चांदी की कीमत भी बढ़कर 2,74,251 रुपये प्रति किलोग्राम तक चली गई थी।
Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी में तेजी के बाद नरमी
इससे पहले दिन में चांदी की कीमतों में लगभग 3.3 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई थी, जबकि सोना भी 1 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ था। लेकिन बाद में कुछ निवेशकों ने मुनाफा बुक किया, जिसके कारण दोनों धातुओं की कीमतों में थोड़ी गिरावट आ गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो वहां भी कीमती धातुओं में तेजी देखने को मिली। स्पॉट सिल्वर 1.2 प्रतिशत बढ़कर 84.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि स्पॉट गोल्ड 0.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,176.69 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गया।
दरअसल अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब छठे दिन में पहुंच चुका है। इस टकराव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के रास्तों पर असर पड़ रहा है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में कमजोरी ने भी सोना और चांदी की कीमतों को सहारा दिया है।

डॉलर इंडेक्स बढ़ा, बाजार प्रभावित
डॉलर इंडेक्स में 0.22 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 98.99 पर पहुंच गया। इससे अन्य विदेशी मुद्राओं का इस्तेमाल करने वाले निवेशकों के लिए सोना और चांदी अपेक्षाकृत सस्ते हो गए। हाल ही में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक शेयर बाजारों में मजबूती के कारण सुरक्षित मुद्रा माने जाने वाले डॉलर की मांग में कुछ कमी भी देखी गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल चांदी की कीमतें 85 से 95 डॉलर प्रति औंस के दायरे में स्थिर रह सकती हैं। इसके बाद यह 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर की ओर बढ़ सकती है। वहीं अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) बंद रहता है और इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होती है, तो सोने की कीमत 5,500 से 5,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।
तेल कीमतों में तेज उछाल
ऊर्जा बाजार में भी तेजी का रुख देखा गया। अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज पर बेंचमार्क क्रूड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती कारोबार में 2.43 प्रतिशत बढ़कर 83.26 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (एनवाईमेक्स) पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 2.63 प्रतिशत बढ़कर 76.63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका की एक पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास ईरान के एक युद्धपोत को डुबो दिया। इस घटना में कम से कम 80 लोगों की मौत होने की खबर है। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और संघर्ष के और फैलने की आशंका भी जताई जा रही है।

विशेषज्ञों ने बताए बाजार के स्तर
विश्लेषकों के अनुसार एमसीएक्स पर सोने के लिए 1,58,000 और 1,62,000 रुपये का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं 1,75,000 और 1,80,000 रुपये को प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर बताया गया है। इसी तरह चांदी के लिए 2,50,000 और 2,70,000 रुपये सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 3,00,000 और 3,20,000 रुपये रेजिस्टेंस स्तर माने जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऊर्जा की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो महंगाई भी बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो सकती है। इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को सहारा मिल सकता है और निकट भविष्य में सोना और चांदी की कीमतों में तेजी कुछ हद तक सीमित रह सकती है।






