Gold Silver Prices: दुनिया में बढ़ती अनिश्चितता और तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। सोना पहली बार 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया और नया रिकॉर्ड बना लिया है।
सोना 5,000 डॉलर के पार
करोबार के दौरान सोने की कीमत 5,026 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई, जबकि चांदी ने भी पहली बार 102 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार किया। जनवरी 2024 में सोने का भाव 2,000 डॉलर प्रति औंस से थोड़ा ऊपर था।

विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 में कीमती धातुएं मजबूत तेजी के साथ कारोबार कर रही हैं। बीच-बीच में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन कीमतों का रुझान स्थिर और मजबूत बना हुआ है। विश्लेषकों के मुताबिक, मौजूदा स्थिति कमजोरी नहीं बल्कि कीमतों के स्थिर होने को दिखाती है। लंबे समय के मजबूत कारण छोटे उतार-चढ़ाव से ज्यादा असर डाल रहे हैं।
Gold Silver Prices: आर्थिक कारणों से मजबूत रुझान
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर. का कहना है कि सुरक्षित निवेश की मांग, केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद और वैश्विक स्तर पर नरम मौद्रिक नीतियों की उम्मीदें कीमतों को मजबूती दे रही हैं। पहले जहां मांग कम थी, अब वहीं मजबूत मांग दिख रही है, जिससे बाजार और अधिक स्थिर हुआ है।

चांदी ने इस तेजी में सोने से भी बेहतर प्रदर्शन किया। कॉमेक्स सिल्वर 100 डॉलर के पार चली गई और नया रिकॉर्ड बनाया। चांदी का निवेश और उद्योगों में इस्तेमाल दोनों ही कारणों से मांग मजबूत बनी हुई है।
2026 की पहली तिमाही में कीमतें स्थिर
विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी अफवाहों या सट्टेबाजी की वजह से नहीं, बल्कि मजबूत आर्थिक कारणों से आई है। आने वाले समय, खासकर 2026 की पहली तिमाही और उसके बाद भी सोने और चांदी का भविष्य मजबूत नजर आ रहा है।
विश्लेषकों के मुताबिक, कम आपूर्ति, निवेश और उद्योग की बढ़ती मांग, और दुनिया में नकदी की उपलब्धता कीमतों को सहारा देती रहेगी। थोड़े समय के लिए गिरावट आए भी तो वह ज्यादा नहीं होगी, और निवेशक इसे खरीद का अवसर मान सकते हैं।

चांदी का प्रदर्शन भविष्य में बेहतर रहने की संभावना है, जबकि सोना आर्थिक और वैश्विक अनिश्चितताओं से बचाव का सबसे भरोसेमंद साधन बना हुआ है।सोना और चांदी दोनों को केंद्रीय बैंकों की खरीद, मुद्राओं में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव जैसे वैश्विक कारणों से फायदा मिल रहा है।







