Gold Silver Prices: बीते दिन सोमवार को सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे, लेकिन मंगलवार को सोने की कीमत में हल्की गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह यह रही कि ऊंचे दाम मिलने पर निवेशकों ने मुनाफावसूली के लिए सोना बेचना शुरू कर दिया। वहीं, चांदी की कीमत ने तेजी से रिकवरी की और एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 2,70,322 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। जबकि सोना 1,41,577 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

त्यौहार के दिन फिर सोने और चंडी की कीमतों में हलकी उछाल देखने को मिली। 14 जनवरी 2026, यानी मकर संक्रांति के दिन, कॉमेक्स पर सोने की कीमत आज 4,613.90 डॉलर प्रति औंस पर पहुँच गई, जबकि कल सुबह यह 4,603.70 डॉलर प्रति औंस थी। भारत में 24 कैरेट सोने का भाव 1,42,540 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट 1,30,660 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट 1,06,910 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। वहीं चांदी का भाव आज 2,75,100 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया।
Gold Silver Prices: अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालात
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत पहली बार 4,600 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई थी। इसके बाद निवेशकों ने मुनाफा लेने के लिए बिकवाली शुरू कर दी। इसी वजह से एमसीएक्स पर भी सोने की कीमत में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव भारतीय बाजार में घटकर 1,40,482 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।

Gold Silver Prices: वैश्विक घटनाओं का असर
सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैक्स लगाने और ईरान में सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों ने भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है। इन हालातों के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।
अमेरिकी आर्थिक नीतियों का प्रभाव
बाजार की नजर अमेरिकी केंद्रीय बैंक के प्रमुख जेरोम पॉवेल पर भी बनी हुई है। निवेशक अमेरिका की महंगाई और ब्याज दरों से जुड़े आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक ब्याज दरों में दो बार कटौती हो सकती है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
Gold Silver Prices: भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों के मुताबिक सोने को 1,37,310 से 1,39,550 रुपये के बीच सपोर्ट मिल रहा है, जबकि 1,44,350 से 1,46,670 रुपये के बीच रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। वहीं चांदी को 2,54,170 से 2,60,810 रुपये के बीच सपोर्ट और 2,71,810 से 2,74,470 रुपये के बीच रेजिस्टेंस मिल रहा है। लंबे समय में चांदी की मांग मजबूत बनी रह सकती है, क्योंकि उद्योगों और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में इसकी जरूरत लगातार बढ़ रही है।
Written By- Palak Kumari
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