Hapur News : हापुड़ में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें अवैध रूप से रह रही एक बांग्लादेशी महिला द्वारा पहचान बदलकर भारतीय दस्तावेज हासिल करने का आरोप लगा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला ने स्थानीय युवक से शादी के बाद नाम और पृष्ठभूमि बदलकर खुद को भारतीय नागरिक दर्शाया और क्रमशः कई अहम दस्तावेज बनवा लिए।
सूत्रों के मुताबिक, महिला की असली पहचान महमूदा खातून बताई जा रही है, जिसका संबंध बांग्लादेश से होने के संकेत मिले हैं। आरोप है कि शादी के बाद उसने गांव में खुद को “रानी बेगम” के नाम से स्थानीय निवासी के रूप में प्रस्तुत किया। इसी नाम पर कथित तौर पर ग्राम स्तर से मूल निवास प्रमाणपत्र जारी हुआ, जिसके आधार पर आगे आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज तैयार कराए गए। दस्तावेजों की यह कड़ी इतनी व्यवस्थित बताई जा रही है कि पहली नजर में सब कुछ वैध प्रतीत हो रहा था।

मामला तब उजागर हुआ जब SIR के तहत मतदाता सूची का गहन सत्यापन शुरू हुआ। सत्यापन के दौरान नाम, जन्मतिथि और पारिवारिक विवरणों में असंगतियां पाई गईं। अलग-अलग अभिलेखों में जानकारी मेल न खाने पर अधिकारियों को संदेह हुआ, जिसके बाद पृष्ठभूमि की पड़ताल की गई। जांच में महिला की नागरिकता और पूर्व निवास से जुड़े तथ्य संदिग्ध पाए गए, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी मिलते ही पुलिस ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कर दी। मूल निवास प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और वोटर आईडी की वैधता की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि दस्तावेज जारी करने की प्रक्रिया में कहीं लापरवाही हुई या फिर जानबूझकर नियमों की अनदेखी की गई। फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें रिकॉर्ड, ग्राम पंचायत अभिलेख और पहचान संबंधी दस्तावेजों की गहन छानबीन में जुटी हैं।
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