ख़बर का असर

Home » उत्तर प्रदेश » मुरादाबाद में इको-फ्रेंडली होली की तैयारी तेज, गोबर की लकड़ियों से होगा होलिका दहन, फूलों से बन रहा हर्बल गुलाल

मुरादाबाद में इको-फ्रेंडली होली की तैयारी तेज, गोबर की लकड़ियों से होगा होलिका दहन, फूलों से बन रहा हर्बल गुलाल

Holi 2026

Holi 2026: होली के पर्व को पर्यावरण हितैषी बनाने के लिए इस बार मुरादाबाद में खास पहल की जा रही है। शहर में एक ओर जहां गाय के गोबर से होलिका दहन के लिए लकड़ियां और उपले तैयार किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर फूलों और प्राकृतिक सामग्रियों से हर्बल गुलाल बनाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य पेड़ों की कटाई रोकना, गो-संरक्षण को बढ़ावा देना और रासायनिक रंगों से होने वाले दुष्प्रभावों से लोगों को बचाना है।

गौशालाओं में बन रहीं गोबर की लकड़ियां

शहर की विभिन्न गौशालाओं में होलिका दहन के लिए गोबर से लकड़ियां तैयार की जा रही हैं। इन लकड़ियों में कपूर, चंदन, सुगंधित तत्व और फूलों की खुशबू मिलाई जा रही है, ताकि दहन के दौरान वातावरण में सुगंध फैले और प्रदूषण कम हो। इस वर्ष 10,000 से अधिक गोबर के उपले और लकड़ियां तैयार की जा रही हैं। आयोजकों का कहना है कि इससे न केवल पेड़ों की कटाई रुकेगी, बल्कि गो-संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

मनोहरपुर में तैयार हो रहा हर्बल गुलाल

मझोला क्षेत्र के मनोहरपुर स्थित एग्री क्लीनिक एवं एग्री केंद्र में प्राकृतिक गुलाल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यहां आरारोट के बेस पर गुलाल तैयार किया जा रहा है, जिसमें गुलाब के फूल, जयंती की पंखुड़ियां, दालचीनी के पत्ते, अपराजिता के फूल, हल्दी, तेजपत्ता, कपूर और चुकंदर जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया जा रहा है। इस बार खास तौर पर गेरुआ (सिंदूरी) रंग का गुलाल भी तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए सिंदूर के पौधे के पत्तों और बीजों का प्रयोग किया जा रहा है।

कई राज्यों से मिल रहे ऑर्डर

एग्री केंद्र के संचालक डॉ. दीपक मेंदिरत्ता ने बताया कि अब तक लगभग 800 किलोग्राम हर्बल गुलाल की बिक्री हो चुकी है। दिल्ली, भोपाल, लुधियाना, आगरा, बरेली, नोएडा और गुड़गांव सहित कई शहरों से ऑनलाइन ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। हर्बल गुलाल की कीमत 250 से 300 रुपये प्रति किलोग्राम रखी गई है। यह गुलाल पूरी तरह रसायन मुक्त है, जिससे यह बच्चों और संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए भी सुरक्षित है। होली नजदीक आते ही प्राकृतिक अबीर-गुलाल की मांग तेजी से बढ़ रही है। लोग अब केमिकल युक्त रंगों से बचते हुए पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं। मुरादाबाद में इस वर्ष इको-फ्रेंडली होली की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और गो-संरक्षण को भी नई दिशा दे रही है। इस बार मुरादाबाद का हर्बल गुलाल कई राज्यों में होली के रंग बिखेरने को तैयार है।

Report By: BP Upadhyay

ये भी पढ़े… कैसे निवेश के मामले में नंबर 1 बन रहा यूपी? उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से समझे!

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

Khabar India YouTubekhabar india YouTube poster

राशिफल