Humayun Kabir: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य में राम मंदिर बनाए जाने पर कोई विवाद नहीं होता, लेकिन मस्जिद निर्माण की बात सामने आते ही हंगामा खड़ा कर दिया जाता है। उन्होंने इसे राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।
संविधान से मिले अधिकारों का हवाला
आईएएनएस से बातचीत में हुमायूं कबीर ने कहा कि भाजपा के एक नेता ने बहरामपुर में राम मंदिर के लिए नींव रखी, लेकिन इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राम मंदिर निर्माण पर कोई आपत्ति नहीं है, तो मस्जिद बनाने की घोषणा पर विवाद क्यों हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और वे उसी अधिकार का उपयोग कर रहे हैं।
Humayun Kabir: आतंकवाद और बेटे की हिरासत पर बयान
आतंकवाद के मुद्दे पर हुमायूं कबीर ने कहा कि आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वे किसी भी देश या क्षेत्र से ताल्लुक रखते हों। भारत में घुसकर आम लोगों की जान लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
वहीं, बेटे को हिरासत में लिए जाने के मामले में उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना नोटिस उनके घर पुलिस भेजी गई और परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि इसका जवाब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को देना चाहिए।
नई पार्टी और रैली को लेकर बड़ा दावा
हुमायूं कबीर ने साफ किया कि उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा को सत्ता में आने से रोकने और मौजूदा सरकार को हटाने के लिए काम करेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी के दरवाजे 1 जनवरी तक खुले रहेंगे। रैली को लेकर उन्होंने दावा किया कि इसमें करीब दस लाख लोग शामिल होंगे, और उसी दिन सहयोगी दलों व गठबंधन में शामिल पार्टियों के नामों की घोषणा की जाएगी।
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