ICG Rescue: भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने लक्षद्वीप के अगाती द्वीप से एक मरीज को रात में सफलतापूर्वक बचाया। यह इस महीने तटरक्षक बल का दूसरा आपातकालीन मेडिकल इवैक्यूएशन (मेडेवैक) ऑपरेशन था, जो उनकी मानवीय सहायता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मरीज की गंभीर स्थिति और त्वरित प्रतिक्रिया
सोमवार को 55 वर्षीय व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ा। लक्षद्वीप प्रशासन ने मदद के लिए तटरक्षक बल को तुरंत सूचना दी। इसके बाद तटरक्षक बल ने रात के समय ‘मेडेवैक’ ऑपरेशन के लिए कोच्चि स्थित डॉर्नियर विमान को रवाना किया।
चूंकि यह ऑपरेशन रात में और समुद्र के ऊपर था, इसलिए विमान को जल्दी से मोबाइल इंटेंसिव केयर यूनिट (एमआईसीयू) में बदल दिया गया। इससे मरीज को उड़ान के दौरान लगातार जीवन-रक्षक सहायता मिल सके।
ICG Rescue: ऑपरेशन का तीव्र और सुरक्षित निष्पादन
ऑपरेशन को बहुत कम समय में योजना और निष्पादन किया गया। इसमें मेडिकल इमरजेंसी, मौसम की स्थिति और रात के ऑपरेशन की कठिनाइयों का तेजी से आकलन किया गया। तटरक्षक बल ने एमआईसीयू की फिटिंग तेजी से पूरी की और शाम को विमान रवाना किया, जिससे उनकी क्षमता का प्रदर्शन हुआ।
रात में विमान सुरक्षित रूप से अगाती द्वीप पर उतरा और मरीज को तेजी से विमान में लाया गया। इसके बाद विमान वापस कोच्चि के लिए रवाना हुआ। मरीज को बेहतर इलाज के लिए एस्टर मेडसिटी हॉस्पिटल में ट्रांसफर कर दिया गया।
आईसीजी की प्रतिबद्धता और आदर्श वाक्य
इस मिशन की सफलता ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में समय-संवेदनशील मानवीय ऑपरेशन करने की भारतीय तटरक्षक बल की क्षमता को दिखाया। इसके अलावा, यह ऑपरेशन तटरक्षक बल और लक्षद्वीप प्रशासन के उत्कृष्ट तालमेल को भी दर्शाता है। भारतीय तटरक्षक बल ने विशेष रूप से दूरदराज के द्वीपीय क्षेत्रों में जीवन की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता और आदर्श वाक्य “वयं रक्षामः” (हम रक्षा करते हैं) को बनाए रखा।







