India China: भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंध धीरे-धीरे सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने नई दिल्ली में ईयर ऑफ द हॉर्स के मौके पर कहा कि दोनों देशों के रिश्ते अब एक नए स्तर पर हैं और सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत वैश्विक व्यापार और अवसरों का केंद्र बन चुका है और दुनिया के तमाम देश इसे रणनीतिक रूप से देख रहे हैं।
हवाई यात्रा और पर्यटन में नई शुरुआत
गलवान विवाद के बाद पिछले साल दोनों देशों के शीर्ष नेताओं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अहम बैठक हुई थी। इसके बाद भारत और चीन के बीच डायरेक्ट हवाई यात्रा शुरू हुई और कैलाश मानसरोवर यात्रा भी सुचारू हुई। चीनी नागरिकों को भारत के टूरिस्ट वीजा मिलने लगे और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों की सुविधा से बातचीत और संपर्क आसान हुआ।
India China: व्यापार और आर्थिक सहयोग में तेजी
शू फेइहोंग ने बताया कि चीन और भारत के बीच व्यापार 155.6 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें साल-दर-साल 12% की बढ़ोतरी हुई है। भारत से चीन को एक्सपोर्ट 9.7% बढ़ा। उन्होंने कहा कि यह सहयोग भविष्य में दोनों एशियाई महाशक्तियों के बीच और आर्थिक अवसर पैदा करेगा।
साझा हित और भविष्य की रणनीति
राजदूत शू ने कहा कि चीन भारत के ‘मेक इन इंडिया’ जैसी रणनीतियों को समर्थन देने के लिए तैयार है। दोनों देशों को अपने साझा हितों को बढ़ाना चाहिए ताकि दोनों देशों के लोग विकास के फायदों का अधिक लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी बताया कि चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत भारत के साथ उच्चस्तरीय वैज्ञानिक, तकनीकी और आर्थिक सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।
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