India-EU FTA Deal: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत पूरी हो चुकी है। करीब 20 साल चली वार्ता के बाद आज नई दिल्ली में होने वाले शिखर सम्मेलन में इस ऐतिहासिक समझौते का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि माना जा रहा है।
मोदी–वॉन डेर लेयेन की अहम शिखर बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी करेंगे। इस बैठक में व्यापार के साथ-साथ रणनीतिक रक्षा सहयोग और लोगों की आवाजाही (मोबिलिटी फ्रेमवर्क) पर भी सहमति बनने की उम्मीद है।
India-EU FTA Deal: कॉमर्स सेक्रेटरी ने दी पुष्टि
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि भारत-EU FTA की बातचीत सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि समझौते के दस्तावेज की कानूनी जांच (लीगल स्क्रबिंग) चल रही है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस साल समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं और 2027 की शुरुआत में इसे लागू किया जा सकता है।
24 अध्यायों में तैयार हुआ समझौता
यह FTA कुल 24 अध्यायों में तैयार किया गया है, जिसमें सामानों का व्यापार, सेवाएं और निवेश शामिल हैं। इसके अलावा निवेश सुरक्षा और जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) को लेकर अलग समझौते पर भी बातचीत जारी है।
India-EU FTA Deal: भारतीय निर्यातकों को होगा बड़ा लाभ
गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि रहीं उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-EU रिश्तों को रणनीतिक बताते हुए कहा कि एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल पहले ही इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दे चुके हैं। FTA के लागू होने से कपड़ा, चमड़ा, रत्न-आभूषण, केमिकल, मशीनरी जैसे श्रम आधारित सेक्टरों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। EU में कई उत्पादों पर लगने वाला करीब 10% तक का टैरिफ घट सकता है या पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
अमेरिकी टैरिफ के बीच रणनीतिक बढ़त
अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ के बीच EU जैसे बड़े बाजार तक भारत की आसान पहुंच बेहद अहम मानी जा रही है। इससे न केवल भारत को नए निर्यात अवसर मिलेंगे, बल्कि चीन पर निर्भरता भी कम होगी। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-EU के बीच कुल व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत का व्यापार अधिशेष 15.17 अरब डॉलर था। भारत के कुल निर्यात का करीब 17 प्रतिशत हिस्सा EU को जाता है।
NDA सरकार का आठवां बड़ा व्यापार समझौता
भारत-EU FTA के साथ एनडीए सरकार 2014 के बाद आठ बड़े व्यापार समझौतों को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, यूएई, ईएफटीए ब्लॉक और मॉरीशस शामिल हैं।
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