Bharat Germany Characha: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। इसी कड़ी में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल के साथ अहम बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात और उनके वैश्विक असर पर चर्चा की।
संपर्क बनाए रखने पर सहमति
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों पक्षों के बीच “काम की बातचीत” हुई और वे मौजूदा हालात को देखते हुए लगातार संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए हैं। यह संवाद ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
Bharat Germany Characha: पहले भी हो चुकी हैं कई बैठकें
यह पहली बार नहीं है जब दोनों नेताओं ने इस मुद्दे पर चर्चा की हो। इससे पहले 16 मार्च को ब्रसेल्स में आमने-सामने मुलाकात के दौरान भी उन्होंने पश्चिम एशिया के हालात पर विचार साझा किए थे। वहीं 10 मार्च को भी दोनों के बीच बातचीत हुई थी, जो इस संकट को लेकर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चिंता को दर्शाती है।
वैश्विक साझेदारों से लगातार संवाद
भारत इस पूरे संकट के दौरान विभिन्न वैश्विक और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में है। एस. जयशंकर ने अब्बास अराघची समेत कई खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों से भी बातचीत की है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समन्वय बनाना है।
Bharat Germany Characha: क्यों बढ़ी चिंता
दरअसल, ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
संतुलित कूटनीति पर जोर
भारत इस पूरे मामले में संतुलित और व्यावहारिक कूटनीति अपनाते हुए सभी पक्षों से संवाद बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है। भारत का प्रयास है कि किसी एक पक्ष के साथ खड़े हुए बिना, बातचीत और सहयोग के जरिए इस संकट का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए।
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