India Grain Production: भारत में खाद्यान्न उत्पादन वित्त वर्ष 2015-16 में 251.54 मिलियन टन था। जो वित्त वर्ष 2024 – 25 में 106 मिलियन टन बढ़कर 357.73 मिलियन टन तक हो चुका है। चावल, गेहूं अथवा मूंग जैसे अनाजों में काफी अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। खुद कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात की सूचना भी दी और बताया कि किस प्रकार बीते वर्ष की तुलना में इस साल के उत्पादन में बढ़ोतरी देखने को मिली।

मूंग और सोयाबीन के उत्पादन में तेजी
India Grain Production: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बताया गया है कि इस वर्ष चावल का उत्पादन बीते के उत्पादन 1,378.25 लाख टन से 123.59 लाख टन ज्यादा है। यानी इस साल चावल उत्पादन 1,501.84 लाख टन गया है। वही गेहूं के उत्पादन की बात करें तो यह भी बढ़कर 1,179.45 लाख टन हो गया है, बता दें पिछले साल से करीब 46.53 लाख टन अधिक है। जिसके साथ ही मूंग के उत्पादन में भी बढ़त देखने को मिली है, यह बढ़कर 42.44 लाख टन हुआ, तो सोयाबीन उत्पादन 152.68 लाख टन और मूंगफली का उत्पादन 119.42 लाख टन हो गया है।

सरकार द्वारा आगे जानकारी दी गई कि मक्का और श्री अन्न (बाजरा) का उत्पादन क्रमशः 434.09 लाख टन और 185.92 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष यह क्रमशः 376.65 लाख टन और 175.72 लाख टन था। उन्होंने आगे कहा, “यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रही वृद्धि को दर्शाता है।”
India Grain Production: ‘दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन’ का महत्व

Grain Production: बता दें, यह बढ़ोतरी रिकॉर्ड मूंगफली और सोयाबीन के उत्पादन के कारण हुई है, जिसका क्रमशः 119.42 लाख टन और 152.68 लाख टन होने का अनुमान है। रेपसीड और सरसों का उत्पादन 126.67 लाख टन होने का अनुमान है। कृषि मंत्री द्वारा आने वाले समय के लिए की गई रणनीतियों के बारे में सीनियर अधिकारियों के साथ भी चर्चा की है। उन्होंने भरोसा जताया कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया ‘दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन’ दाल उत्पादन बढ़ाने को मजबूत गति देगा।
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