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वैश्विक दबाव में सुस्त खुला बाजार, डिफेंस और बैंकिंग शेयरों ने संभाला मोर्चा

शुक्रवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट रही। रक्षा और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने गिरावट को सीमित रखा, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी, वाहन और मध्यम व छोटे शेयरों में दबाव देखा गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी व घरेलू निवेशकों की बिकवाली से बाजार में सतर्कता का माहौल बना रहा।
वैश्विक दबाव में शेयर बाजार सुस्त

Indian Share Market: कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेतों के कारण शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सामान्य रही। सुबह करीब 9:24 बजे सेंसेक्स 17 अंकों की हल्की गिरावट के साथ 82,434 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी भी 10 अंक नीचे आकर 25,444 पर था।

रक्षा और बैंकिंग ने थामा बाजार

शुरुआती कारोबार में बाजार को सहारा डिफेंस और पीएसयू बैंकों के शेयरों से मिला। निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी पीएसई, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी मेटल इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जिससे बाजार में ज्यादा गिरावट नहीं आई।

दूसरी ओर आईटी, मीडिया, फार्मा, सर्विसेज, हेल्थकेयर और ऑटो सेक्टर में दबाव देखने को मिला। इन सेक्टरों के शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार की रफ्तार धीमी रही।

Indian Share Market: वैश्विक दबाव में शेयर बाजार सुस्त
वैश्विक दबाव में शेयर बाजार सुस्त

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 47 अंक गिरकर 59,180 पर आ गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 57 अंक टूटकर 16,963 पर पहुंच गया।

Indian Share Market: अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ा दबाव

सेंसेक्स में एलएंडटी, बीईएल, एनटीपीसी, एचयूएल, टाइटन, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड और अदाणी पोर्ट्स जैसे शेयर बढ़त में रहे। वहीं इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, इटरनल, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, एमएंडएम, एशियन पेंट्स और अल्ट्राटेक सीमेंट गिरावट वाले शेयरों में शामिल थे।

वैश्विक बाजारों की बात करें तो ज्यादातर एशियाई बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। टोक्यो, हांगकांग, जकार्ता और बैंकॉक में गिरावट देखी गई, जबकि सोल में तेजी रही। अमेरिका के शेयर बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में दबाव की एक बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। इस तनाव का असर दुनिया भर के बाजारों पर दिख रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेशकों की बिकवाली

इस स्थिति के चलते कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 71.81 डॉलर प्रति बैरल पर था। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.24 प्रतिशत चढ़कर 66.56 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 880.49 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली करते नजर आए। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) ने भी 596.28 करोड़ रुपये के शेयर बेचे और वे भी शुद्ध विक्रेता रहे।

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