Indian Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार ने लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद गुरुवार को तेजी के साथ कारोबार शुरू किया। वैश्विक शेयर बाजारों में आई मजबूती का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। सुबह बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांक हरे निशान में ट्रेड करते नजर आए। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स पिछले बंद 79,116.19 के मुकाबले 414.29 अंक बढ़कर 79,530.48 पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया का निफ्टी भी पिछले बंद 24,480.50 से 135.45 अंक बढ़कर 24,615.95 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स निफ्टी में तेजी, बाजार मजबूत हुआ
सुबह करीब 9:33 बजे सेंसेक्स 266.22 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79,382.41 पर कारोबार कर रहा था। इसी समय निफ्टी भी 98.80 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,579.30 पर ट्रेड करता दिखा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स से ज्यादा तेजी दिखाई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.82 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.83 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।
सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा बढ़त हासिल करने वाला सेक्टर बना। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी ऑटो इंडेक्स में भी खरीदारी का अच्छा माहौल देखा गया।

Indian Stock Market Today: वैश्विक बाजारों में तेजी
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में सन फार्मा, अदाणी पोर्ट्स, एलएंडटी, बीईएल, एनटीपीसी और टाटा स्टील के शेयर सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी तरफ एचसीएल टेक, टीसीएस, एचयूएल, टेक महिंद्रा और एशियन पेंट्स के शेयरों में गिरावट दर्ज हुई।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अधिकांश बाजारों में भी गुरुवार को तेजी देखी गई। इसका मुख्य कारण वॉल स्ट्रीट सूचकांकों में रात के समय हुई रिकवरी रही, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स पिछले सत्र की गिरावट को पूरा करते हुए 12 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गया। वहीं जापान का निक्केई 225 भी 4 प्रतिशत से अधिक मजबूत हुआ।
वैश्विक तनाव से बाजार पर असर
आपको बता दें कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष जैसे हालात के कारण बुधवार को वैश्विक शेयर बाजारों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया था। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी आई थी, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। बुधवार को बाजार गिरावट के साथ खुला था और शुरुआती कारोबार में ही दोनों प्रमुख सूचकांक दो प्रतिशत से ज्यादा गिर गए थे।
मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार तकनीकी स्तर पर निफ्टी के लिए 24,300 से 24,350 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं 24,600 से 24,650 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस की तरह काम कर सकता है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 30.37 पर है, जो 50 से कम होने के कारण बाजार में कमजोरी का संकेत देता है।
निवेशकों की खरीद-बिक्री से बाजार संतुलित
इसके अलावा विशेषज्ञों ने बताया कि पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार चौथे दिन बिकवाली करते हुए लगभग 8,752 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। दूसरी ओर घरेलू निवेशकों (डीआईआई) ने लगातार छठे दिन खरीदारी जारी रखी और 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदे। घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने विदेशी निवेशकों की बिकवाली के असर को कुछ हद तक संतुलित करने का काम किया।
निवेश में सावधानी, मजबूत शेयर चुनें
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और बाजार में बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को अभी सावधानी बरतकर निवेश करना चाहिए। गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। निफ्टी में नई खरीदारी की रणनीति तभी बनानी चाहिए जब इंडेक्स 25,000 के ऊपर लगातार मजबूत ब्रेकआउट दे। इससे बाजार में मजबूती के स्पष्ट संकेत मिलेंगे और बुलिश ट्रेंड बनने की संभावना है।
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