IPS Anshika Verma: हाल ही में उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में हुई हिंसा के बाद से ही क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। आज शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज को लेकर जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मस्जिदों, प्रमुख चौराहों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस की आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा ने मोर्चा संभालते हुए हालात पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाई। जिनकी सक्रियता और साहसिक नेतृत्व ने जहां कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में रखने में मदद की, वहीं महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक तस्वीर भी पेश की। जिसके बाद अब अंशिका वर्मा की तत्परता और कड़ी कार्रवाई की चारों ओर चर्चा हो रही है।
कैसे शुरु हुआ आई लव मोहम्मद का विवाद ?
IPS Anshika Verma: आई लव मोहम्मद नाम का ये विवाद कानपुर के रावतपुर से शुरु हुआ है। 4 सितंबर का दिन था जब रावतपुर में बरावफात के जुलूस के दौरान यह मामला शुरु हुआ था।यहां पर मुस्लिम लोगों ने आई लव मोहम्मद के पोस्टर लगाए थे जिसका हिंदु समुदाय के लोगों ने विरोध किया था।और विरोध करते हुए कहा था कि बरावफात के जुलूस में ये कौन सी नई परंपरा शुरु हो गई है। जैसे ही उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो माहौल गर्मा गया। इसके बाद पुलिस ने अफरा-तफरी को रोकते हुए 9 लोगों को नामजद तथा 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। जिसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और दंगे भड़काने जैसी धाराओं का उल्लेख था।

बरेली तक पहुंची थी आग की चिंगारी
IPS Anshika Verma: दरअसल, 26 सितंबर को बरेली के आज़मनगर इलाके में उपद्रवियों ने पथराव और तोड़फोड़ कर शांति भंग करने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला। एसएसपी अनुराग आर्य के नेतृत्व में पुलिस बल सड़कों पर उतरा और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गया। इस दौरान एसपी सिटी मानुष पारीक की टीम पर उपद्रवियों ने पथराव किया, लेकिन टीम ने पूरी सूझबूझ और संयम से स्थिति को संभाला। वहीं, एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने महिला पुलिस बल के साथ आज़मनगर क्षेत्र में मोर्चा संभालते हुए उपद्रवियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। वहीं अंशिका वर्मा का यह साहसिक नेतृत्व न केवल कानून-व्यवस्था को बहाल करने में कारगर रहा, बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी सशक्त संदेश देने वाला साबित हुआ।






