Iqra Hasan News: शामली के कंडेला गांव में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन ने एक बार फिर राजनीतिक विवाद को हवा दे दी। यहां गौरी शंकर गौशाला के प्रमुख स्वामी राम विशाल दास महाराज ने कैराना की सांसद इकरा हसन पर तीखा प्रहार किया। 31 जनवरी को हुए इस कार्यक्रम में स्वामी जी ने सांसद के चुनावी दावों को निशाना बनाते हुए ऐसा बयान दिया जो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। उन्होंने इकरा हसन पर गुर्जर समाज को वोट के लिए गुर्जर बेटी बताने का आरोप लगाया और फिर विवाह का विवादास्पद सुझाव दे डाला।
गुर्जर युवक से शादी कर ले इकरा
कार्यक्रम के मंच पर स्वामी राम विशाल दास ने जोरदार लहजे में कहा कि अगर इकरा हसन खुद को गुर्जर मानती हैं तो कंडेला के किसी गुर्जर युवक से शादी कर लेनी चाहिए। उनका तर्क था कि इससे न केवल भाईचारा मजबूत होगा बल्कि मुस्लिम समाज की तीन तलाक जैसी प्रथाओं से भी छुटकारा मिलेगा। लगभग 51 सेकंड के इस वीडियो में स्वामी जी का आक्रोश साफ झलक रहा है। वे सांसद के चुनाव प्रचार का जिक्र करते हुए बोले वोट लेने के लिए गुर्जर बेटी बनीं अब रिश्ते जोड़ने का वक्त है। यह बयान सुनते ही मंच पर तालियां गूंज उठीं लेकिन बाहर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया।
अगर इकरा हसन सच में भाईचारा निभाना चाहती हैं, तो किसी हिंदू गुर्जर नौजवान से शादी करके मिसाल पेश करें।
इससे वे तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथाओं से भी मुक्त रहेंगी।
— स्वामी राम विशाल दास 🔥pic.twitter.com/OE1LDVXdWQ— Rahul kumar🇮🇳 (@kumarrahul9102) February 3, 2026
यह पहली बार नहीं है जब इकरा हसन हिंदू संगठनों के निशाने पर आई हैं। कैराना से सपा सांसद के रूप में वे पहले भी विभिन्न मुद्दों पर आलोचना झेल चुकी हैं। चुनाव के दौरान गुर्जर वोट बैंक को साधने के लिए उनकी कथित गुर्जर पहचान की राजनीति पर सवाल उठते रहे हैं। स्वामी जी ने इसी को हथियार बनाया। उन्होंने कहा कि वोट की राजनीति से आगे बढ़कर सामाजिक रिश्ते बनाने चाहिए। लेकिन उनका विवाह वाला बयान निजी जिंदगी में घुसपैठ के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक मंचों से ऐसी टिप्पणियां समाज में ध्रुवीकरण को बढ़ावा देती हैं।
Iqra Hasan News: सोशल मीडिया पर दो फाड़ माहौल
वीडियो वायरल होते ही ट्विटर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बहस छिड़ गई। एक तरफ समर्थक स्वामी जी के बयान को साहसी और सच्चाई पर आधारित बता रहे हैं। वे कहते हैं कि राजनेता वोट के लिए झूठी पहचान अपनाते हैं तो सवाल उठना स्वाभाविक है। एक यूजर ने लिखा गुर्जर बहन बनकर वोट लिया अब गुर्जर दामाद लाओ वहीं दूसरी ओर आलोचक इसे महिलाओं के खिलाफ असम्मानजनक और असंवैधानिक करार दे रहे हैं। फेमिनिस्ट ग्रुप्स ने इसे #MeTooPolitics का नाम देकर ट्रेंड कराया। एक प्रमुख ट्वीट में कहा गया सांसद की शादी पर सवाल? ये लोकतंत्र का अपमान है। ट्रोलिंग की चपेट में स्वामी राम विशाल दास खुद आ गए। मीम्स और जोक्स की बौछार हो रही है जहां कुछ लोग उन्हें शादी डॉक्टर बता रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनप्रतिनिधि की निजी जिंदगी को सार्वजनिक मंच पर घसीटना उचित है कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह भारतीय दंड संहिता की धारा 153A (समाज में वैमनस्य फैलाना) और 509 (महिला का अपमान) के दायरे में आ सकता है। हालांकि अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई।
इकरा हसन की चुप्पी और राजनीतिक पृष्ठभूमि
सांसद इकरा हसन या उनके कार्यालय से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। लोकसभा में सक्रिय इकरा पहले भी विवादों से घिरी रहीं। उनके पिता मौलाना हसन की राजनीतिक विरासत को वे आगे बढ़ा रही हैं। कैराना सीट पर गुर्जर और मुस्लिम वोट निर्णायक हैं जिसका फायदा सपा को मिला। लेकिन हिंदू संगठनों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। हाल के महीनों में कई सभाओं में उनके खिलाफ नारे लगे। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि ये बयान 2029 चुनावों की जमीन तैयार कर रहे हैं। शामली जिला जो पश्चिमी यूपी का संवेदनशील इलाका है धार्मिक और जातिगत तनाव के लिए जाना जाता है। कंडेला जैसे गांवों में गुर्जर आबादी मजबूत है। स्वामी राम विशाल दास जो गोशाला के लिए प्रसिद्ध हैं अक्सर हिंदू एकता पर जोर देते हैं। उनका यह बयान उनके कट्टर समर्थकों को भा गया लेकिन विपक्षी दलों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया। सपा और बसपा नेताओं ने इसे नोटिस लिया है।
ये भी पढ़े… गाजियाबाद में 3 नाबालिग बहनों ने क्यों दी नौवीं मंजिल से कूदकर जान? सुसाइड नोट से हुए बड़ा खुलासा







