Iran Missile Attack: इजरायल ने ईरान के दो बड़े सुरक्षा अधिकारियों को मार गिराया है, जिससे इस जंग में ईरान को बड़ा झटका लगा है। जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें अली लारीजानी और जनरल गुलाम रजा सुलेमानी शामिल हैं।अली लारीजानी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव थे और उन्हें देश के सबसे ताकतवर नेताओं में गिना जाता था। वहीं, जनरल गुलाम रजा सुलेमानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ‘बसीज फोर्स’ के प्रमुख थे।
ईरान ने इन दोनों की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। यह दोनों अधिकारी देश में बड़े स्तर पर हुए विरोध प्रदर्शनों को दबाने में अहम भूमिका निभा चुके थे।
ईरान का जवाबी हमला, मिसाइल और ड्रोन से वार
अपने शीर्ष अधिकारियों की मौत के बाद ईरान काफी आक्रोशित हो गया है। इसके जवाब में ईरान ने बुधवार को इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए।इजरायल की राजधानी तेल अवीव के आसपास कई धमाके हुए। रामत गान इलाके में 2 लोगों की जान चली गई।
हालांकि, खाड़ी देशों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही रोक दिया। दुबई में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान का कड़ा रुख
जंग के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि वह होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण नहीं छोड़ेगा। यह समुद्री रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।ईरान ने कुछ जहाजों पर हमले भी किए हैं। इस संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में तेजी आई है और दुनिया भर में ऊर्जा संकट की चिंता बढ़ गई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने NATO और अन्य देशों से इस जलमार्ग की सुरक्षा के लिए मदद मांगी थी, लेकिन किसी ने उनका साथ नहीं दिया।इस बीच, लेबनान में इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं।
न्यूक्लियर प्लांट पर हमला, IAEA ने जताई चिंता
इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने बताया कि ईरान की ओर से उन्हें जानकारी दी गई है कि बुशेहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था।हालांकि, इस हमले में किसी के घायल होने या प्लांट को नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है।IAEA के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने एक बार फिर अपील की है कि इस संघर्ष के दौरान सभी पक्ष संयम बरतें, ताकि किसी भी तरह की न्यूक्लियर दुर्घटना से बचा जा सके।
जंग में बढ़ता नुकसान, आंकड़े चिंताजनक
इजरायल का कहना है कि उसके हमलों का उद्देश्य ईरान की सरकार को कमजोर करना है।ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमलों में इजरायल में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और 2300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
इस युद्ध में 13 अमेरिकी सैनिकों की भी जान गई है। वहीं, ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग में ईरान में 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
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