Iran US War News: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहा सैन्य तनाव अब छठे दिन में पहुंच गया है। इसी बीच एक नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि ईरान ने गुप्त रूप से अमेरिका को बातचीत का प्रस्ताव भेजा है।

ईरान का अमेरिका को गुप्त संदेश
एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की खुफिया एजेंसी के कुछ अधिकारियों ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA तक अप्रत्यक्ष तरीके से संपर्क करने की कोशिश की है। उन्होंने सीक्रेट चैनलों के माध्यम से यह संदेश भेजा कि अगर संभव हो तो युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत शुरू की जा सकती है।
बताया जा रहा है कि ईरानी एजेंटों ने गुप्त माध्यमों से यह संदेश CIA तक पहुंचाया और यह जानने की कोशिश की कि क्या दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता निकाला जा सकता है। हालांकि, वॉशिंगटन में इस पहल को अभी ज्यादा महत्व नहीं दिया जा रहा है और इसे गंभीरता से नहीं लिया गया है।

Iran US War News: ट्रम्प बोले, “बातचीत का समय खत्म”
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बयान दिया था कि ईरान के लिए बातचीत शुरू करने का सही समय अब निकल चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार हमलों के कारण ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो चुकी है।
इसी बीच समुद्र में भी एक बड़ा सैन्य घटनाक्रम सामने आया है। बुधवार को अमेरिका ने भारत से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत IRIS देना पर हमला कर दिया, जिससे वह श्रीलंका के पास समुद्र में डूब गया। इस हमले में अब तक 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत की खबर है। यह जानकारी श्रीलंका की सरकार की ओर से दी गई है।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि हिंद महासागर में मौजूद एक अमेरिकी पनडुब्बी ने इस ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से निशाना बनाया, जिसके बाद जहाज समुद्र में डूब गया। घटना के बाद श्रीलंका की नौसेना ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया और 32 घायल नौसैनिकों को समुद्र से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया।

रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी
जानकारी के अनुसार, इस जहाज पर लगभग 180 नौसैनिक सवार थे। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं और उन्हें खोजने के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यह युद्धपोत हाल ही में भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर वापस लौट रहा था।
श्रीलंका के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह भारतीय समय के अनुसार लगभग 6 से 7 बजे के बीच इस जहाज की ओर से मदद के लिए संदेश भेजा गया था। उस समय यह जहाज दक्षिणी श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 समुद्री मील (लगभग 75 किलोमीटर) दूर समुद्र में मौजूद था।






