Israel: इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ईरान को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बीते 48 घंटों में ईरान की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि वह सिर्फ इजरायल ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा बन चुका है। नेतन्याहू के मुताबिक, ईरान ने हाल के हमलों में सीधे नागरिक इलाकों को निशाना बनाया, हालांकि किसी की जान नहीं गई लेकिन यह सिर्फ किस्मत की बात थी, मंशा साफ तौर पर खतरनाक थी।
धार्मिक स्थलों के पास हमले का आरोप
नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान ने यरुशलम में पवित्र धार्मिक स्थलों के बेहद करीब हमला किया। इनमें Western Wall, Church of the Holy Sepulchre और Al-Aqsa Mosque जैसे अहम स्थल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह हमला तीनों प्रमुख एकेश्वरवादी धर्मों को निशाना बनाने जैसा था।
Israel: मिसाइल और वैश्विक खतरे की चेतावनी
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ईरान ने हिंद महासागर में स्थित Diego Garcia तक मिसाइल दागी, जो उसकी बढ़ती सैन्य क्षमता को दिखाता है। उनके अनुसार, अब ईरान की पहुंच यूरोप तक हो गई है और वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री और ऊर्जा मार्गों को बाधित कर दुनिया को दबाव में लेने की कोशिश कर रहा है।
Israel: दुनिया से कार्रवाई की अपील
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल और अमेरिका मिलकर इस खतरे का सामना कर रहे हैं, लेकिन अब बाकी देशों को भी खुलकर सामने आना चाहिए। उन्होंने Donald Trump के उस आह्वान का समर्थन किया, जिसमें वैश्विक स्तर पर ईरान के खिलाफ एकजुट कार्रवाई की बात कही गई है।
“हम सीधे ईरानी शासन को निशाना बना रहे”
नेतन्याहू ने साफ किया कि इजरायल का निशाना आम नागरिक नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता और उसकी सैन्य ताकत है, खासकर Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC)। उन्होंने कहा कि इजरायल का मुख्य लक्ष्य ईरान के परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म करना है।
“ईरानी जनता को भी आजादी मिले”
Israel: उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल चाहता है कि ईरान के लोग खुद इस “तानाशाही शासन” के खिलाफ खड़े हों। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात में ईरान की जनता सबसे ज्यादा परेशान है और बदलाव की जरूरत है।
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