Israel US Attack on Iran: इजराइल ने ईरान पर बड़े सैन्य हमले की पुष्टि की है। इजराइल के रक्षा मंत्री Yoav Gallant (रिपोर्ट्स में DM कैट्ज का भी बयान) ने कहा कि ऑपरेशन का मकसद “इजराइल के लिए खतरे को दूर करना” है। हमले के बाद इजराइल में सायरन बजने लगे और संभावित जवाबी कार्रवाई के खतरे को देखते हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। देश में स्पेशल इमरजेंसी लागू कर दी गई है।
घायलों को अस्पतालों में भर्ती
ईरान की सेमी-ऑफिशियल Fars News Agency के मुताबिक, तेहरान के उत्तर और पूर्वी इलाकों के साथ-साथ इस्फहान, करज और केरमानशाह में भी जोरदार धमाके सुने गए। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है और कई इलाकों में सड़कों पर एंबुलेंस की आवाजाही बढ़ गई है।

Israel US Attack on Iran: हाई अलर्ट पर दोनों देश
हमले के बाद ईरान का एयरस्पेस खाली कराए जाने की खबर है। इजराइल की Israel Defense Forces की होमफ्रंट कमांड ने आवश्यक सेवाओं को छोड़कर शैक्षणिक गतिविधियों, सार्वजनिक जुटान और कई कार्यस्थलों पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ज्वाइंट ऑपरेशन में अमेरिका की भूमिका भी बताई जा रही है। हमले में ईरान के परमाणु केंद्रों और कुछ अहम सरकारी ठिकानों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। ऑपरेशन का नाम ‘शील्ड ऑफ जूडा’ बताया जा रहा है।
मोसाद की अपील
इसी बीच, इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने फारसी भाषा के अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर ईरानी नागरिकों से “बेहतर भविष्य के लिए साथ आने” की अपील की है। बयान में कहा गया है कि “ईरानी भाई-बहनों, आप अकेले नहीं हैं। हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसके व्यापक असर की आशंका जताई जा रही है। दोनों देशों की ओर से आगे की कार्रवाई पर दुनिया की नजर टिकी है।
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