Israel Vs Iran War: अमेरिका और इजराइल की ईरान के खिलाफ जंग अब 19वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इजराइल ने चेतावनी दी है कि वह ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को ढूंढकर खत्म करेगा। सेना के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने मंगलवार को कहा कि भले ही उनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन उन्हें खत्म करने का लक्ष्य तय है।
पहले ही इजराइल ने ईरान पर बड़ा हमला किया था, जिसमें ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी और उनके बेटे की मौत हो गई। इस हमले की पुष्टि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी की है।

मिसाइल और बम से जवाबी कार्रवाई
इस हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव और देश के 100 से ज्यादा अन्य ठिकानों पर मिसाइल अटैक किया। ईरान ने कहा कि यह हमला लारिजानी, उनके बेटे और बसीज फोर्स के कमांडर घोलामरेजा सुलेमानी की मौत का बदला है।
साथ ही, अमेरिका ने भी बड़ी कार्रवाई की। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट तक पहुँचने की कोशिश में समुद्र किनारे बने ईरानी मिसाइल ठिकानों पर करीब 2700 किलो के खतरनाक बम गिराए, जो जमीन के अंदर बने ठिकानों को भी तबाह कर देते हैं।

Israel Vs Iran War: ईरान की अगली कमान-5 दावेदार
ईरान में कई बड़े नेता मारे जा चुके हैं, जैसे पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी। ऐसे में नए लीडर की संभावना पर चर्चा हो रही है।
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मुजतबा खामेनेई – पूर्व सुप्रीम लीडर के बेटे, सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। 8-9 मार्च 2026 में एक्सपर्ट्स ने उन्हें नया सुप्रीम लीडर बनाने का प्रस्ताव रखा। हालाँकि वे सार्वजनिक रूप से कम दिखाई दिए हैं, लेकिन आर्थिक और रणनीतिक मामलों में उनकी पकड़ मजबूत है।
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मसूद पजश्कियान – ईरान के राष्ट्रपति, युद्ध और संकट के समय देश के प्रशासन को संभालते हैं। इसलिए उन्हें अस्थायी टॉप लीडर के रूप में देखा जा रहा है।
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अहमद वाहिदी – IRGC से जुड़े सीनियर नेता, लारिजानी के बाद मजबूत विकल्प। सेना और सुरक्षा मामलों का अनुभव उन्हें महत्वपूर्ण उम्मीदवार बनाता है।
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मोहम्मद बाघेर गालिबाफ – संसद के स्पीकर और पूर्व IRGC कमांडर। सरकार के बड़े फैसलों में उनकी भूमिका अहम है।
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इस्माइल कानी – कुद्स फोर्स प्रमुख, विदेशों में ईरान के सैन्य ऑपरेशन्स और रणनीति संभालते हैं। युद्ध के समय उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है।

अमेरिका का अकेलापन और NATO का फैसला
ईरान में 40 से ज्यादा अधिकारियों के मारे जाने के बाद अमेरिका को शुरुआत में सफलता मिली थी, लेकिन 17 दिन बाद हालात बदल गए। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल की सप्लाई रोक दी, जिससे दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई।
ट्रम्प ने NATO देशों से अपील की कि वे होर्मुज में रास्ता खोलें, लेकिन NATO ने साफ कर दिया कि वे युद्ध में हिस्सा नहीं लेंगे। ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर सहयोग नहीं किया गया तो NATO का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
अमेरिका में मतभेद: टॉप अधिकारी का इस्तीफा
अमेरिका के एंटी-टेररिज्म अधिकारी जो केंट ने ईरान युद्ध का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने इस्तीफे की जानकारी दी।
जो केंट ने लिखा कि वे इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते। उनका कहना था कि अमेरिका को ईरान से कोई तुरंत खतरा नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह युद्ध इजराइल और उसके अमेरिकी समर्थकों के दबाव में शुरू हुआ। जो केंट के इस्तीफे को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे अमेरिका के टॉप सुरक्षा अधिकारियों में शामिल थे।
Israel Vs Iran War: युद्ध का लंबा खेल
जारी टारगेट किलिंग और जवाबी हमलों के बीच, यह युद्ध अब और लंबा और खतरनाक होता जा रहा है। 40 से ज्यादा ईरानी टॉप कमांडर मारे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई निर्णायक अंत नजर नहीं आ रहा।
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