Jammu News: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में 2026-27 के लिए 1,13,767 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। बजट का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में स्थायी विकास, सामाजिक सद्भाव और आर्थिक मजबूती की ठोस नींव रखना है। मुख्यमंत्री ने इसे सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के भविष्य का रोडमैप बताया, जिसमें निवेश, नवाचार और सहभागी गवर्नेंस को प्राथमिकता दी गई है।
विकास और निवेश को बढ़ावा
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर को आधुनिक और आर्थिक रूप से जीवंत क्षेत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बजट को उद्योगपतियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद तैयार किया गया है। सरकार बिजनेस-फ्रेंडली माहौल बनाकर निवेश और इनोवेशन को आकर्षित करने पर जोर दे रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर, हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स और आपदा राहत कार्यों में रणनीतिक निवेश प्रस्तावित है।
Jammu News: वित्तीय चुनौतियां और समाधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि यूटी की बजटीय जरूरतों का केवल 25 प्रतिशत टैक्स और नॉन-टैक्स रेवेन्यू से पूरा होता है। कुल खर्च का लगभग 60 प्रतिशत सैलरी, पेंशन और कर्ज भुगतान में जाता है। सरकार कर्ज प्रबंधन, खर्च में कटौती और बिजली क्षेत्र में सुधार के जरिए वित्तीय दबाव कम करने की दिशा में काम कर रही है। केंद्र सरकार के सहयोग को भी उन्होंने अहम बताया।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर फोकस
बजट में युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित करने की बात कही गई है। पीएम आवास योजना के तहत 3.21 लाख से अधिक घर पूरे हो चुके हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में दो आयुष अस्पताल, 200 ई-बसें और एम्स कश्मीर की शुरुआत प्रस्तावित है। शिक्षा में 554 स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा शुरू होगी। कुल मिलाकर, यह बजट जम्मू-कश्मीर के समावेशी और टिकाऊ विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।







