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Javed Siddiqui: अल फलाह के मालिक जावेद पर 2 करोड़ की ठगी का मामला, 24 साल से थे फरार

Javed Siddiqui

Javed Siddiqui: दिल्ली ब्लास्ट के आतंकियों को पनाह देने के आरोपों में घिरी अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद सिद्दीकी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा रविवार को की गई गिरफ्तारी के बाद, अब उनके खिलाफ भोपाल में दर्ज चिटफंड घोटाले का पुराना मामला फिर सुर्खियों में है। इस केस में जावेद और उनके भाई हमूद सिद्दीकी पर 2 करोड़ रुपए की ठगी के गंभीर आरोप हैं।

चिटफंड के नाम पर लाखों की ठगी

जानकारी के मुताबिक, दोनों भाइयों ने 1997 से 2001 के बीच भोपाल में चिटफंड कंपनी का ऑफिस खोलकर लोगों को पैसे दोगुना करने का लालच दिया। इस दौरान उन्होंने खासकर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाकर करोड़ों रुपए जमा कराए और फिर 2001 तक कार्यालय बंद करके फरार हो गए। आरोप यह भी है कि ठगे गए पैसे का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों और साजिशों में किया गया।

Javed Siddiqui:  गैस पीड़ितों के पैसे भी शामिल

जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह घोटाला करीब 15.32 लाख रुपए का सामने आया, जिसमें 147 लोग प्रभावित हुए। बताया गया है कि इन पैसों में भोपाल गैस त्रासदी पीड़ितों द्वारा जमा कराई गई जमा-पूंजी भी शामिल थी।

शाहजहानाबाद और तलैया थाना में एफआईआर

इस प्रकरण का खुलासा 5 दिसंबर 1999 को हुआ, जब प्रार्थी जुनेद कुरैशी ने शाहजहानाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई। जुनेद के अनुसार, उसने 15 जून और 15 नवंबर 1998 को कुल 75,000 रुपए कंपनी में निवेश किए थे। लेकिन कुछ ही महीनों में पदाधिकारी दफ्तर बंद कर फरार हो गए। शिकायत दर्ज होने के दो दिन बाद 7 दिसंबर 1999 को एफआईआर भी दर्ज की गई।

Javed Siddiqui:  24 आरोपी, कई आज भी फरार

इस मामले में कुल 24 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें हमूद सिद्दीकी, हुस्ना सिद्दीकी, सूबा सिंह, शाहबुद्दीन चौधरी, मसूद अहमद, जेबा सिद्दीकी, परवीन सुल्तान और अन्य नाम शामिल हैं। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, 16 आरोपी अभी भी फरार बताए जाते हैं। पुलिस उनकी संपत्तियों की जानकारी जुटाने में लगी हैसूचना देने वालों को 5,000-10,000 रुपए का इनाम घोषित किया गया इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि एक के खिलाफ प्रकरण वापस ले लिया गया था।

कोर्ट में पेशी और जमानत

जावेद सिद्दीकी ने इस केस में अग्रिम जमानत ले रखी थी। वहीं उनके भाई हमूद सिद्दीकी को कोर्ट पहले ही बरी कर चुका है
अंतिम सुनवाई 29 अगस्त 2019 को निर्धारित थी जिसमें अधिकांश आरोपी न्यायालय में पेश नहीं हुए।

ईडी ने दिल्ली ब्लास्ट मामले में पकड़ा

अब दिल्ली ब्लास्ट मामले में ईडी द्वारा की गई कार्रवाई के बाद भोपाल का यह पुराना घोटाला भी फिर चर्चा में है और माना जा रहा है कि सिद्दीकी से पूछताछ में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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