Jhelam River: जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में झेलम नदी से मिली एक प्राचीन पत्थर की मूर्ति को पुलिस ने संरक्षण और संवर्धन के लिए पुरातत्व विभाग को सौंप दिया है। यह कार्रवाई सभी औपचारिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए की गई। अधिकारियों ने इसे सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में अहम कदम बताया है।
मछुआरे को मिली मूर्ति
पुलिस के अनुसार, शालतांग-जोग्यार निवासी गुलाम मोहम्मद लातू के पुत्र नाजिर अहमद लातू, जो पेशे से मछुआरे हैं, ने मछली पकड़ते समय झेलम नदी में एक पत्थर की मूर्ति देखी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना बारामूला के शेरी पुलिस स्टेशन को दी, जिसके बाद पुलिस ने मूर्ति को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।
Jhelam River: देवी दुर्गा के रूप में पहचान
जम्मू-कश्मीर अभिलेखागार, पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय के निर्देशों के बाद पुलिस ने जांच करवाई, जिसमें मूर्ति की पहचान देवी दुर्गा के रूप में की गई। इसके बाद शुक्रवार को मूर्ति को श्रीनगर स्थित पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को विधिवत सौंप दिया गया।
आतंकवाद काल से जुड़ा इतिहास
माना जा रहा है कि 1990 के दशक में आतंकवाद के चरम दौर के दौरान कई मंदिरों और अल्पसंख्यक कश्मीरी पंडित समुदाय के धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया था। उस समय कई देवी-देवताओं की मूर्तियों को उनके मूल स्थानों से हटाकर नदियों में फेंक दिया गया था।
Jhelam River: कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत
कश्मीर घाटी में शंकराचार्य मंदिर, मार्तंड सूर्य मंदिर, अवंतीस्वामी और अवंतीश्वर मंदिर, खीर भवानी मंदिर और शारिका माता मंदिर जैसे प्राचीन और पूजनीय स्थल स्थित हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ऐतिहासिक या पुरातात्विक वस्तु की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि विरासत का संरक्षण किया जा सके।
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