JNU: जेएनयू के वामपंथी छात्र संगठन के छात्रों ने एक बार फिर जेएनयू की पावन धरती को शर्मशार कर दिया है। जेएनयू में एक बार फिर से देश विरोधी नारे ने देश में नई बहस और विचार को जन्म दे दिया है। जिसके बाद सवाल उठना लाजमी है कि जिस जेएनयू में ज्ञान की गूंज होनी चाहिए, वहां एक बार फिर क्यों कब्र खोदने के नारे गूंज रहे है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने जेएनयू कैंपस में लगे विवादित बयानों को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उमर खालिद व शरजील इमाम जैसे लोग देश के चिकन नेक काटना चाहते हैं और कुछ लोगों की तरफ से ऐसे व्यक्तियों का बचाव करने की कोशिश की जा रही है।
अर्बन नक्सली गैंग का हिस्सा
दरअसल, शहजाद पूनावाला ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि नारों से स्पष्ट है कि प्रदर्शन करने वाले लोग देश के ‘टुकड़े-टुकड़े’ करने वाले अर्बन नक्सली गैंग का हिस्सा हैं। क्योंकि जब से शरजील और उमर खालिद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है, तब से ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग में हड़कंप मचा है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पृथ्वीराज चव्हाण, वृंदा करात, हुसैन दलवई और उदित राज जैसे नेताओं ने इसे सांप्रदायिक ऑर्डर बताया। उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे लोग देश के चिकन नेक काटना चाहते हैं, ऐसे लोगों का बचाव किया गया है। अब बचाव में उतरते-उतरते देशविरोधी नारे और धमकी देने वाले नारे लग रहे हैं। यह वही नारे हैं जो पिछले दिनों कांग्रेस की रैली में लगे थे।
JNU: प्रधानमंत्री-गृह मंत्री को दी जा रही धमकी
उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल वोटबैंक की नीति को राष्ट्र नीति से इतना ऊपर रखते हैं कि अब देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को धमकी दी जा रही है। ऐसे बयान संविधान विरोधी और देशविरोधी मानसिकता को दर्शाते हैं। शहजाद पूनावाला ने कहा कि यह वही जमात है, जो अफजल, याकूब और बाटला हाउस के आतंकियों के साथ खड़ी होती है। यही जमात नक्सलियों को शहीद बताती है। अब यह देश के टुकड़े करने की बात करने वाले लोगों के साथ खड़ी है।
जबकि भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने जेएनयू में हुई नारेबाजी पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि देश को बाहर के दुश्मनों से ज्यादा खतरा अंदर के दुश्मनों से है। सुप्रीम कोर्ट ने अब राष्ट्रीय हित को सबसे ऊपर रखते हुए फैसला लिया है। सांप्रदायिक हिंसा फैलाने वालों और आतंकवाद का समर्थन करने वालों की जमानत खारिज होने से पूरे देश में राहत और खुशी की लहर दौड़ गई, लेकिन इसमें भी कुछ जिहादी मानसिकता के लोग आज भी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के लिए आपत्तिजनक नारे लगाते हैं। ऐसे लोग भले नारे लगाते रहें, लेकिन 140 करोड़ की देश की जनता का आशीर्वाद प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को मिला हुआ है।
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