Kamala Harris Attack: अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ट्रंप का भाषण सच से दूर था और उन्होंने देश की असली स्थिति को गलत तरीके से पेश किया। हैरिस ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि उन्होंने अर्थव्यवस्था, मतदान के अधिकार और ईरान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अमेरिकी जनता को गुमराह किया।
भाषण पर हैरिस का तीखा सवाल
ट्रंप के भाषण के अगले दिन, बुधवार को हैरिस ने ‘द परनास पर्सपेक्टिव’ नाम के सबस्टैक शो में होस्ट एरॉन परनास से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरा भाषण देखा और उन्हें लगा कि यह आम लोगों की जिंदगी की सच्चाई से बिल्कुल अलग था।
हैरिस ने ट्रंप के उस दावे को भी गलत बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि देश की स्थिति मजबूत है। हैरिस के अनुसार, सच्चाई यह है कि बहुत से अमेरिकी परिवार बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। रोजमर्रा की चीजें महंगी हो चुकी हैं, इलाज का खर्च बढ़ गया है और घर लेना या किराए पर रहना भी लोगों के लिए कठिन होता जा रहा है।

Kamala Harris Attack: दक्षिणी दौरे में गरीबी का दर्द
उन्होंने अपने हाल के दक्षिणी राज्यों के दौरे का जिक्र भी किया। हैरिस ने बताया कि मिसिसिपी में उनकी मुलाकात एक ऐसी मां से हुई, जिसके पास चार लोगों के परिवार के लिए हफ्ते भर का राशन खरीदने के लिए केवल 150 डॉलर थे। उन्होंने कहा कि उस महिला की ट्रॉली में जो भी सामान था, वह सिर्फ उसके बच्चों के लिए था। उस मां ने हैरिस से कहा कि बच्चे जो नहीं खाएंगे, वही वह खुद खा लेंगी। इतना ही नहीं, वह महिला बोतलबंद पानी लेने के लिए पैदल चलकर जाती थी, क्योंकि उसके इलाके का नल का पानी भूरा और जहरीला था, जिसे पीना सुरक्षित नहीं था।
हैरिस ने सरकार की खर्च संबंधी प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब मेडिकेड में 1 ट्रिलियन डॉलर की कटौती की जा रही है, तब इसका विरोध कौन कर रहा है? उनका इशारा इस बात की ओर था कि स्वास्थ्य सेवाओं में इतनी बड़ी कटौती से गरीब और जरूरतमंद लोगों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

मतदान कानून और युद्ध पर चिंता
मतदान के अधिकारों के मुद्दे पर भी हैरिस ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने ‘सेव अधिनियम’ का विरोध किया, जिसे ट्रंप ने कांग्रेस से पास कराने की अपील की थी। हैरिस ने कहा कि इस कानून के तहत लोगों को वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा। लेकिन लगभग 40 प्रतिशत अमेरिकियों के पास ऐसे दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। उनके अनुसार, इससे कई लोग मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
विदेश नीति के विषय में हैरिस ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ट्रंप अब इस क्षेत्र में अमेरिकी सैनिक भेज रहे हैं। इससे यह संभावना बढ़ जाती है कि अमेरिकी पुरुषों और महिलाओं को युद्ध में भेजा जा सकता है।
हैरिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिकी जनता युद्ध नहीं चाहती। लोग नहीं चाहते कि उनके बेटे-बेटियों को ऐसी सैन्य कार्रवाई में भेजा जाए, जिसे रोका जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के कई सहयोगी देश भी राष्ट्रपति के इस कदम से सहमत नहीं हैं। उनके अनुसार, अगर अंतरराष्ट्रीय गठबंधन कमजोर होते हैं, तो यह देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अच्छा संकेत नहीं है।






