Kanpur News : उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में उस समय सनसनी फैल गई जब भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के तुर्की मऊ गांव में वर्षों से गिरा पड़ा एक पीपल का वृक्ष अचानक अपने आप खड़ा दिखाई दिया। यह घटना सामने आते ही पूरे गांव में कौतूहल और चर्चा का माहौल बन गया। ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई और हर कोई इस दृश्य को अपनी आंखों से देखने को उत्सुक नजर आया।
ग्रामीणों के अनुसार, यह पीपल का पेड़ कई साल पहले तेज आंधी या प्राकृतिक कारणों से गिर गया था। तब से वह जमीन पर ही पड़ा था और किसी ने यह कल्पना तक नहीं की थी कि वह दोबारा खड़ा हो सकता है। लेकिन हाल ही में सुबह जब लोग अपने खेतों और घरों से बाहर निकले तो उन्होंने देखा कि वही पीपल का वृक्ष सीधा खड़ा है। यह नजारा देखकर लोग हैरान रह गए और देखते ही देखते खबर पूरे इलाके में फैल गई।
घटना के बाद गांव में तरह-तरह की बातें होने लगीं। कुछ लोग इसे ईश्वरीय चमत्कार मान रहे हैं और आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे प्राकृतिक प्रक्रिया या मानवीय हस्तक्षेप का परिणाम बता रहे हैं। कई ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय किसी ने पेड़ को खड़ा नहीं किया, ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह हुआ कैसे? इसी रहस्य ने लोगों की जिज्ञासा और बढ़ा दी है।
पीपल के वृक्ष को हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। इसे देव वृक्ष माना जाता है और इसी कारण इस घटना को लेकर लोगों की भावनाएं और भी जुड़ गई हैं। कुछ ग्रामीणों ने वहां पूजा-पाठ भी शुरू कर दिया है और पेड़ के पास दीपक जलाए जा रहे हैं।
हालांकि प्रशासन या वन विभाग की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जड़ों, मिट्टी के दबाव या आसपास के वातावरण में बदलाव के कारण ऐसा संभव हो सकता है, लेकिन ग्रामीणों के लिए यह घटना अब भी रहस्य बनी हुई है।
फिलहाल तुर्की मऊ गांव में यह पीपल का वृक्ष आस्था, अंधविश्वास और विज्ञान—तीनों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है, और लोग बेसब्री से इसके पीछे की सच्चाई जानने का इंतजार कर रहे हैं।
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Reporter By – kuldeep kumar
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