Kejriwal acquitted: दिल्ली आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 लोगों के बरी होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अन्ना हजारे ने कहा कि भारत की न्यायिक व्यवस्था देश की सबसे बड़ी ताकत है और अदालत के फैसले को सभी को स्वीकार करना चाहिए।
“न्यायपालिका के कारण देश सुचारू रूप से चलता है”
अन्ना हजारे ने कहा कि भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में न्यायपालिका की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा, “हमारा देश न्यायिक और सुरक्षा प्रणालियों की मजबूती पर टिका है। अगर यह व्यवस्था न हो, तो अराजकता फैल जाएगी। अब जब अदालत ने फैसला सुना दिया है कि अरविंद केजरीवाल दोषी नहीं हैं, तो इसे स्वीकार किया जाना चाहिए।”
Kejriwal acquitted: “पहले जो कहा, वह अदालत का फैसला नहीं था”
उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले उन्होंने अरविंद केजरीवाल को लेकर जो बातें कही थीं, वे किसी न्यायिक निर्णय पर आधारित नहीं थीं। अन्ना हजारे ने कहा, “हम सब उस समय हवा में बोल रहे थे। अगर पहले ही अदालत का फैसला आ गया होता, तो हम वैसी बातें नहीं कहते। अब कोर्ट ने साफ कर दिया है कि कोई दोष नहीं था, तो इसे मानना पड़ेगा।”
“केजरीवाल को जो कहना है, कहें”
अरविंद केजरीवाल की ओर से भाजपा पर लगाए गए साजिश के आरोपों पर अन्ना हजारे ने दूरी बनाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, “यह उनका सवाल है। उन्हें जो कहना है, कहें।”
Kejriwal acquitted: समाज और देश के लिए काम करने की सलाह
अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को पुराने आंदोलनकारी साथी बताते हुए सलाह दी कि वे समाज और देश की भलाई के लिए काम करते रहें। उन्होंने कहा, “अपने या पार्टी के बारे में नहीं, देश के बारे में सोचिए। आज़ादी के लिए दी गई कुर्बानियों को याद रखना जरूरी है।”
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