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US-इजरायल हमले में खामेनेई की मौत: 40 दिन का शोक, लेकिन ऑस्ट्रेलिया का सख्त रुख

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि के बाद पूरे देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया गया है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में हुई इस घटना पर ऑस्ट्रेलिया ने शोक से इनकार किया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे बड़ा अवसर बताया। इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान में 40 दिन का शोक

Khamenei Death: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह बताया कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में खामेनेई मारे गए। इस खबर के सामने आते ही देश और दुनिया में हलचल तेज हो गई।

40 दिन का राष्ट्रीय शोक

खामेनेई की मौत के बाद ईरानी सरकार ने पूरे देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। इस दौरान सरकारी कार्यक्रम सीमित रहेंगे और देशभर में शोक सभाएं आयोजित की जाएंगी।

ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इन हमलों में खामेनेई के चार करीबी रिश्तेदार भी मारे गए। इनमें उनकी बेटी, उनका पोता और दामाद शामिल बताए गए हैं।

Khamenei Death: ईरान में 40 दिन का शोक
ईरान में 40 दिन का शोक

Khamenei Death: ऑस्ट्रेलिया ने शोक से इनकार किया

दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने साफ कहा है कि उनका देश खामेनेई की मौत पर शोक नहीं मनाएगा। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि खामेनेई ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम, हथियारबंद प्रॉक्सी समूहों को समर्थन देने और अपने ही नागरिकों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाइयों के लिए जिम्मेदार थे। अल्बनीज ने यह भी कहा कि खामेनेई पर ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर हमलों की योजना बनाने का आरोप था, इसलिए उनकी मौत पर शोक व्यक्त नहीं किया जाएगा।

ट्रूथ सोशल पर ट्रंप का ऐलान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी खामेनेई की मौत की पुष्टि की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में मारे गए हैं। ट्रंप ने इसे ईरान के लोगों के लिए अपने देश पर नियंत्रण दोबारा हासिल करने का बड़ा अवसर बताया।

ईरान में 40 दिन का शोक
ईरान में 40 दिन का शोक

अपने बयान में ट्रंप ने खामेनेई को इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह उन अमेरिकियों और दुनिया के अन्य देशों के लोगों के लिए न्याय है, जो खामेनेई और उनके समर्थित समूहों की हिंसा में मारे गए या घायल हुए। ट्रंप ने दावा किया कि उन्नत खुफिया और ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से यह कार्रवाई की गई और इजरायल के साथ मिलकर इसे अंजाम दिया गया।

ट्रंप बोले, अभियान जारी रहेगा

इस बीच, ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान अभी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक मध्य पूर्व और पूरी दुनिया में शांति स्थापित करने का लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक भारी और सटीक बमबारी जारी रह सकती है।

ट्रंप ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, सशस्त्र बलों और पुलिस से पहले की तरह फिर अपील की कि वे हथियार डाल दें। उन्होंने कहा कि अगर वे ऐसा करते हैं तो उन्हें सुरक्षा दी जा सकती है।

खामेनेई की मौत के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है, और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

ये भी पढ़ें…अमेरिका–इजराइल हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का दावा

 

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