Kiren Rijiju statement: कांग्रेस द्वारा चीनी घुसपैठ के आरोपों और पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब को लेकर किए जा रहे हंगामे पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
हेंडरसन ब्रूक्स रिपोर्ट का हवाला
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि देश की रक्षा से जुड़े विषयों में सरकार ने हमेशा जिम्मेदार रवैया अपनाया है। उन्होंने 1962 के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि हेंडरसन ब्रूक्स–भगत कमीशन रिपोर्ट दशकों से गोपनीय रखी गई, जिसमें चीनी पीएलए के हाथों भारत की हार के लिए तत्कालीन नेहरू सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया था। रिजिजू ने कहा कि मौजूदा सरकार ने भी उस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया, क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों को सियासी लाभ के लिए उजागर करना उचित नहीं है।
Kiren Rijiju statement: चीन सीमा दौरे का पुराना वीडियो साझा
अपने बयान के समर्थन में किरेन रिजिजू ने 1 नवंबर 2024 का एक पुराना पोस्ट भी साझा किया, जिसमें वे चीन सीमा पर भारतीय सैनिकों के साथ दीवाली मनाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्हें सीमा पर चीनी सैनिकों से बातचीत करते हुए भी देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर सेना के साथ खड़ी है।
नरवणे की किताब पर भाजपा का कांग्रेस पर हमला
पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब को लेकर जारी विवाद के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार की नीतियों और फैसलों से देश को हुए नुकसान पर एक विशेष पुस्तकालय बनाया जाएगा।
Kiren Rijiju statement: ‘नेहरू-गांधी युग के दस्तावेज होंगे संग्रहित’
निशिकांत दुबे ने वीडियो संदेश में कहा कि संसद में उनके बयान के बाद देशभर से उन्हें प्रतिक्रियाएं मिलीं, जिसके बाद उन्होंने यह पहल करने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि इस पुस्तकालय में भारत-पाक विभाजन, गोपनीय दस्तावेज,सामाजिक-आर्थिक नीतियों से हुए नुकसान जैसे विषयों से जुड़ा साहित्य रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां और शोधकर्ता उस दौर की वास्तविक तस्वीर समझ सकें।
जनता से सहयोग की अपील
भाजपा सांसद ने लोगों से अपील की कि वे नेहरू-गांधी परिवार से संबंधित किताबों और दस्तावेजों की जानकारी दें, ताकि उन्हें संग्रहित कर शोध और अध्ययन के लिए उपलब्ध कराया जा सके।
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