Kishtwar Avalanche: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बुधवार सुबह एक बड़ा हिमस्खलन हुआ। यह घटना जिले की सुदूर वारवान घाटी में सामने आई। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को हिमस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। यह घटना मध्य कश्मीर के सोनमर्ग में हुए हिमस्खलन के ठीक एक दिन बाद हुई है। हिमस्खलन के बाद कई घरों तक बर्फ पहुंच गई, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर में तब्दील हो गया।
पहाड़ की चोटियों से फिसली भारी बर्फ
किश्तवाड़ से सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पहाड़ की ऊंची चोटियों से भारी मात्रा में बर्फ नीचे की ओर तेजी से फिसलती है और घाटी में बने घरों पर बिछ जाती है। घरों की छतें, खिड़कियां और आसपास खड़ी गाड़ियां पूरी तरह बर्फ से ढकी नजर आईं।
Kishtwar Avalanche: पेड़ों को उखाड़ लाया हिमस्खलन
हिमस्खलन के बाद जहां तक नजर जाती है, सिर्फ बर्फ ही बर्फ दिखाई दे रही है। पहाड़ की चोटी से लेकर नीचे तक सफेद चादर बिछ गई। जब बर्फ तेज रफ्तार से नीचे आई, तो वह अपने साथ ढलान पर लगे कई पेड़ों को भी उखाड़ लाई। गनीमत रही कि उस वक्त कोई इंसान इसकी चपेट में नहीं आया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
Kishtwar Avalanche: किश्तवाड़ में भूस्खलन से दर्जनों जानवरों की मौत
इसी दिन किश्तवाड़ जिले में एक अलग घटना में भूस्खलन भी हुआ, जिसमें भेड़-बकरियों समेत दर्जनों पशुओं की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार यह हादसा हस्ती पुल के पास हुआ, जब चरवाहों का एक समूह अपने पशुओं के साथ उस रास्ते से गुजर रहा था। भूस्खलन में कई जानवर मलबे में दब गए, जबकि चरवाहे बाल-बाल बच गए।
मौसम का अलर्ट जारी
Kishtwar Avalanche: पिछले दो दिनों में जम्मू-कश्मीर के ज्यादातर ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें और मौसम से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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